
उन 'बाहुबली' नेताओं के बार में... जिनके नाम पर ही जीत लिए जाते थे चुनाव।
Baahubali Leaders: उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ ऐसे नेताओं का भी नाम शुमार है जिनके नाम पर ही वोट डाले जाते थे। आपको बताते हैं उत्तर प्रदेश के पावरफुल और 'बाहुबली' नेताओं के बारे में।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से ताल्लुक रखने वाले हरिशंकर तिवारी को पूर्वांचल में राजनीति के सबसे बड़े बाहुबली के नाम से जाना जाता था। पूरे पूर्वांचल में उनका सिक्का चलता था। वह रेलवे, PWD और कई दूसरी सरकारी ठेकेदारी में पूरा कब्जा किये हुए थे। इसी ठेकेदारी के दम पर उन्होंने कई बड़ी संपत्ति खड़ी कर ली थी। ब्राह्मण समाज में तिवारी की काफी मजबूत पकड़ थी और वह ब्राह्मणों के बाहुबली नेता माना जाते थे।
धनंजय सिंह का पूर्वांचल की राजनीति में खासा दबदबा रहा। वह BSP के सांसद रह चुके हैं। धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ से लेकर जौनपुर तक में करीब 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली की एक नौकरानी से मारपीट मामले और सबूत मिटाने के आरोप में धनंजय सिंह और उनकी डॉक्टर पत्नी जागृति सिंह को एक साथ जेल जाना पड़ा था। हालांकि, कुछ अन्य अपराधों में भी उनका नाम जुड़ा लेकिन दोष साबित नहीं हुए थे। गरीबों और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों की मदद में वह आगे रहे। युवाओं में उनकी अच्छी पकड़ बनी।
धनंजय सिंह ने इस साल अक्टूबर में धनतेरस से 4 दिन पहले ही 2 नई लग्जरी गाड़ियां खरीदी। इनमें लैंड क्रूजर 300 सीरीज शामिल है, जिसकी कीमत लगभग ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि दूसरी गाड़ी टोयोटा वेलफायर है, जिसकी कीमत करीब सवा करोड़ रुपये है। इस तरह कुल मिलाकर धनंजय सिंह ने लगभग 4 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ियों की खरीदारी की है। जिसके बाद वह चर्चा में आए।
उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली नेताओं में अमरमणि त्रिपाठी का भी नाम शामिल है। वे कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, उनका नाम कई बार अपराधों और विवादों से जुड़ा रहा। सबसे ज्यादा चर्चित मामला कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या का था, जिसमें त्रिपाठी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। फिलहाल वह जेल में हैं। इस हत्याकांड के अलावा भी त्रिपाठी पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अतीक अहमद प्रयागराज का रहने वाला था। वह एक खतरनाक शक्तिशाली नेता के रूप में काफी फेमस था। अतीक फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुका था। 2014 के लोकसभा चुनाव में दिए गए अतीक के हलफनामे में, उसके खिलाफ 42 से ज्यादा मामले दर्ज थे। जिसमें हत्या करने कि कोशिश, अपहरण के साथ अन्य मामले शामिल थे। अतीक का सबसे पॉपुलर मामला BSP विधायक राजू पाल की हत्या का था, जिससे पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई थी। अपराध और राजनीतिक मेल-जोल अतीक अहमद के दौर में था, वह लंबे समय तक चलता रहा।
उत्तर प्रदेश की राजनीति का जाना-माना चेहरा रघुराज प्रताप सिंह जिन्हें राजा भैया के नाम से भी जाना जाता है। राजा भैया प्रतापगढ़ जिले के कुंडा तहसील के रहने वाले है। कुंडा सीट से ही वह वर्तमान BJP विधायक हैं। राजा भैया को राजनीति विरासत में भी मिली थी। उनके दादा राजा बजरंग बहादुर सिंह एक महान शिक्षक रहे और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।
सिंतबर 2025 में पत्नी से विवाद से चलते राजा भैया चर्चा में आए। उनकी पत्नी भानवी सिंह के साथ चल रहे विवाद ने खूब सुर्खियां बटोरी। दरअसल, कुंडा सीट से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह ने अपने पति पर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए। भानवी सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में पेश होकर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत में उन्होंने कहा कि राजा भैया के पास अवैध और प्रतिबंधित विदेशी हथियारों का खतरनाक जखीरा मौजूद है। यहीं से मामला चर्चाओं में आया।
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Updated on:
27 Dec 2025 11:42 am
Published on:
27 Dec 2025 11:42 am
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