
मैनपुरी उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव की बहू ने जीत दर्ज कर अपने ससुर का गढ़ बचा लिया है। डिंपल यादव ने 2019 की मुलायम सिंह की जीत से कहीं बड़ी जीत हासिल की है। लेकिन डिंपल से बड़ी जीत है आकाश सक्सेना की है।
डिंपल से कैसे बड़ी है आकाश सक्सेना की जीत, 5 प्वाइंट में समझते हैं
मुस्लिम गढ़ में पहले हिंदू नेता
ऐसा पहली बार है जब कोई हिंदू नेता रामपुर सदर में चुनाव जीता है। रामपुर सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट है। इस विधानसभा सीट से आजादी के बाद हुए सभी विधानसभा चुनावों में मुस्लिम प्रत्याशियों ने ही बाजी मारी थी। इस सीट पर पहली बार 1952 में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस के प्रत्याशी फज़लउल हक ने जीत हासिल की थी।
उसके बाद लगातार 20 बार रामपुर सीट पर हुए चुनावों में मतदाताओं ने मुस्लिम प्रत्याशियों पर ही अपना भरोसा दिखाया। रामपुर सदर से सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 10 बार आजम खान जीते हैं। साफ है कि मुस्लिम वोटरों का दिल जीतने की चुनौती आकाश के सामने थी, जिसमें वो कामयाब रहे हैं।
भाजपा ने आजम के करीबियों को ही तोड़ लिया
करीब 60ं% मुस्लिम वोटर होने के बाद भी भाजपा ने रामपुर में जीत हासिल कर ली। भाजपा ने पहले ही आजम के कई करीबियों को अपने पाले में ले लिया था। आजम के पीआरओ रहे फसाहत अली खान, इरशाद महमूद, शाहबेज खान समेत कई सपा नेता भाजपा में आ गए। ये सभी आजम के चुनावी तौर-तरीकों को जानते थे। आकाश सक्सेना बीजेपी ने इसका इस्तेमाल अच्छे से किया।
आकाश सक्सेना ने कोर्ट वाले फैक्टर का किया बाखूबी इस्तेमाल
आकाश सक्सेना को मैदान में उतारा गया, तो आकाश ने बेहतर तरीके से कोर्ट में आजम के खिलाफ मुकदमे को अपना हथियार बनाया। आकाश ने सबसे पहले पसमांदा मुसलमानों के बीच पहुंचने के लिए रामपुर में पसमांदा सम्मेलन किया। उन्होंने मुस्लिम मोहल्लों में जाकर चुनाव प्रचार भी खूब किया।
60 प्रतिशत मुस्लिम को लुभाना भी एक बड़ी कामयाबी
राजनीतिक पार्टियों से मिले आंकड़े के मुताबिक, रामपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल तीन लाख 88 हजार मतदाता हैं। उनमें से करीब दो लाख 27 हजार यानी लगभग 60 प्रतिशत मुस्लिम हैं। इनमें से तकरीबन 80 हजार पठान, 18 हजार सैयद और 12 हजार तुर्क मतदाता हैं। एक लाख 17 हजार मतदाता पसमांदा यानी पिछड़े वर्ग के हैं। आकाश सक्सेना पिछड़े मुस्लिम वोटरों को अपन पाले में लाने की कोशिश की, जिसमें वो कामयाब रहे।
मुस्लिम वोटरों ने जताया आकाश पर भरोसा
रामपुर सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार आकाश सक्सेना ने आसिम रजा को मात दे दी। चार दशक में पहली बार ऐसा हुआ है। सपा प्रत्याशी आसिम रजा को हार का मुंह देखना पड़ा है। ऐसे में ये जीत बीजेपी की एतिहासिक जीत है। ऐसा पहली बार है जब बीजेपी ने रामपुर शहर सीट पर जीत हासिल की है। आकाश सक्सेना 33702 हजार वोटों के अंतर से जीते हैं।
Updated on:
09 Dec 2022 02:22 pm
Published on:
09 Dec 2022 02:21 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
