
जिसमें करीब 3700 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। श्रीराम लाल मेमोरियल प्रेक्षागृह में दीप प्रज्ज्वल एवं नृत्य प्रस्तुति के बाद कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन हुआ।

आनन्द सिंह ने कहा कि सफलता के लिए आपको गूढ़ ज्ञान की आवश्कता होती है। अक्सर देखने को मिलता है कि युवाओं को विषयों के बारे में बहुत ही सतही ज्ञान रहता है, इस कारण वह कॅरियर को लेकर भ्रम में रहते हैं।

इस जॉब फेस्टिवल में लगभग 50 राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कंपनियां हिस्सा ले रही हैं

एसपी सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति प्रो. एके सेनगुप्ता, कम्प्यूटर साइंस विभाग के डॉ. पुनीत मिश्र, थर्ड आई एडवाइजरी के सीईओ डॉ. विभोर मिश्र, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजय मेधावी, आईआईटी कानपुर के डॉ. जयंत विश्वास, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक की इंग्लिश लेक्चरर डॉ. विनीत कश्यप, मीडिया एनालिस्ट आनंद सिन्हा, इंनोवेशन विंग की हेड नेहा सिंह, डीन डॉ. लक्ष्मी शंकर अवस्थी, अंकुर चक आलम, मनीष नंदन, प्रकाश पमनानी समेत अन्य शिक्षक मौजूद थे।

राष्ट्रीय जॉब फेस्टिवल में यह बातें लखनऊ विश्वविद्यालय के डीन (कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल) प्रो. आरआर यादव ने कहीं।