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सफर का संकट, महसूस होते हैं जरूरत के छह ठिकाने

एक्सप्रेस-वे पर अभी तक यूटिलिटी ब्लॉक तैयार नहीं किये गए हैं।
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लखनऊ

•

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Laxmi Narayan

•

Jan 05, 2018

reality check

लखनऊ. तेज स्पीड के साथ कम समय में सफर तय करने के मकसद से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण तो कर लिया गया है लेकिन अभी इस पर सफर करना अभी भी मुश्किलों भरा है। इस एक्सप्रेस-वे पर अभी तक यूटिलिटी ब्लॉक तैयार नहीं किये गए हैं। जानकर मानते हैं कि औसतन हर पचास किलोमीटर पर एक यूटिलिटी सेंटर होना चाहिए। एक ओर जहां सरकार इस एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी में है तो दूसरी ओर अभी तक यूटिलिटी ब्लॉक तक नहीं बनाये जा सके हैं।

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे का पत्रिका टीम ने किया रियलिटी चेक

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे का पत्रिका टीम ने रियलिटी चेक करने का निर्णय लिया। इस दौरान इस मार्ग से सफर करने वाले लोगों की मुश्किलों से टीम ने रूबरू होने की कोशिश की। इस दौरान कई लोगों से बातचीत कर उनकी मुश्किलें जानने की कोशिश की गई तो सबसे बड़ी समस्या के रूप में इस एक्सप्रेस-वे पर यूटिलिटी केंद्रों का न होना पाया गया। सफर के दौरान पत्रिका की बा? आगरा ा जा रहे सारांश से हुई। सारांश ने बताया कि वे परिवार के साथ सफर पर निकले हैं लेकिन रास्ते में एक भी यूटिलिटी केंद्र नहीं है। ऐसे में तीन सौ किलोमीटर का यह सफर कई बार मुश्किलों वाला भी साबित होता है।

302 किमी लंबे मार्ग पर छह स्थानों पर बनने चाहिए यूटीलिटी ब्लॉक

जानकार मानते हैं कि औसतन हर 50 किलोमीटर पर एक यूटिलिटी केंद्र होना चाहिए। इस लिहाज से इस एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले लोगों की मुश्किलों को दूर करने के मकसद से 6 यूटिलिटी केंद्र बनाये जाने चाहिए। इस रुट पर सफर के दौरान पत्रिका तीन ने जिन लोगों से बातचीत की उन सभी ने सरकार से यह मांग की है कि इस रुट पर सफर के दौरान आने उनकी दिक़्क़तों पर सरकार ध्यान दे और जितनी जल्दी हो सके सफर की मुश्किलों को दूर करने की पहल हो।