
सीनियर आईएएस रेणुका कुमार की लंबी छुट्टी के पीछे हो सकता है खनन माफिया का दबाव
लखनऊ. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और महिला कल्याण व राजस्व जैसे विभागों की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार तीन महीने की छुट्टी पर चली गई हैं। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने उनकी छुट्टी मंजूर कर ली है। छुट्टी पर जाने के पीछे पारिवारिक और व्यक्तिगत कारण बताए गए हैं। छुट्टी पर जाने की वजह से उनकी अनुपस्थिति में महिला कल्याण विभाग का कार्यभार आईएएस मोनिका गर्ग और राजस्व का कार्यभार सुरेश चंद्रा को सौंपा गया है।
खनन माफिया का दबाव
ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए रेणुका कुमार ने खनन नीति में पार्सलों की जारी की गई सूची में बदलाव करना चाहती थीं, जिसके लिए प्रस्ताव रखा गया था। इसके अलावा बाहर से खनिज पदार्थों को लाने वाले परिपत्रों में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही रेणुका कुमार ने कन्नौज में खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई की थी और साथ ही बुंदेलखंड में भी कुछ लोगों पर एक्शन चाहती थीं।
1987 बैच की आईएएस अधिकारी रेणुका कुमार की गिनती यूपी कैडर के ईमानदार अफसरों में होती है। जुलाई माह में मुख्यमंत्री ने उन्हें महिला कल्याण के साथ-साथ खनन और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे पहले उनके पास महिला, बाल कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभागों की जिम्मेदारी थी। खनन विभाग इससे पहले आरपी सिंह के पास था। लेकिन उनके रिटायरमेंट के बाद यह विभाग रेणुका कुमार को सौंपा गया।
विभाग से हटाए जाने के पीछे खड़े हुए कई सवाल
रेणुका कुमार को वन एवं पर्यावरण विभाग से हटाए जाने पर कई सवाल खड़े हुए थे। इस विभाग में रहते हुए रेणुका ने वन क्षेत्रों की नदियों में खनन पर रोक लगा दी थी और वन निगम के कुछ अफ्सरों पर एक्शन भी लिया था। इसी के साथ देवरिया में बाल संरक्षण गृह कांड मामले की जांच रेणुका कुमार को सौंपी गई थी। उन्होंने इस संरक्षण में कई तरह के बदलाव किए जाने की सिफारिश भी की थी।
Published on:
11 Sept 2018 04:06 pm
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