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यूं ही नहीं राजीव कुमार बने मुख्य सचिव, इस ख़ास वजह के चलते हुआ चयन

जानिये इनके मुख्य सचिव बनने से पहले 36 साल का सफर

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Dikshant Sharma

Jun 29, 2017

Rajiv Kumar

Rajiv Kumar

लखनऊ। नए नियुक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार 1981 बैच के आईएएस अफसर। इनको मुख्य सचिव बनाने की पीछे योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी ख़ास वजह। जानकारों का मानना है कि भाजपा अपनी नीतियों को कैसे प्रदेश में प्रभावी रूप में लाय ये चिंता आला कमान को सता रही थी। प्रदेश की सबसे बड़े प्रशासनिक पद के लिए सबसे योग्य अफसर की तलाश में ही तीन माह से अधिक समय गुजर गया। सभी बिंदुओं पर अध्यन्न के बाद ही अब मुख्य सचिव के पद पर राजीव कुमार का चयन किया गया है।

क्यों लगा मुख्य सचिव को तलाशने में 3 माह का समय ?

प्रदेश सरकार नयी औद्योगिक नीति पर अधिक फोकस कर रही है। खुद प्रधानमंत्री भी उद्योग को बढ़ावा देते हैं। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति तैयार की जा रही है। इस नीति पर मंथन जारी है। इसके साथ ही सबको 2022 तक आवास देना का वादा भी पीएम पिछले दिनों अपने लखनऊ दौरे पर कर गए थे। इसके अलावा लॉ एंड आर्डर को भी बनाए रखना प्रदेश सरकार के लिए चुनौती है। इसी लिए मुख्य सचिव पद पर चयन के लिए सबसे अधिक समय लग रहा था। राहुल कुमार को प्रशासनिक सेवा का 36 साल का अनुभव है। ख़ास बात ये है कि इन्होने अपनी सेवा का बड़ा समय उद्योग क्षेत्र को दिए हैं।

देखिये मुख्य सचिव बनने से पहले का सफर

राहुल कुमार की आईएएस बनने के बाद पहली नियुक्ति असिस्टेंट मजिस्ट्रेट मिर्जापुर के तौर पर 25 जून 1982 से 25 अगस्त 1983 तक हुई। उसके बाद वे 2 सितम्बर 1983 से 7 सितम्बर 1984 तक एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट कानपुर देहात, 15 सितम्बर 1984 से 16 जुलाई 1985 तक सिटी मजिस्ट्रेट अलीगढ़, 24 जुलाई 1985 से 30 जुलाई 1985 अंडर सेक्रेटरी इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट,
30 जुलाई 1985 से 11 सितम्बर 1987 तक जॉइंट सेक्रेटरी इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट लखनऊ, 14 सितम्बर 1987 से 19 मई 1989 डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पिकअप लखनऊ,
19 मई 1989 से 26 मई 1990 तक जॉइंट सेक्रेटरी प्रदेश सरकार (नियुक्ति),
29 मई 1990 से 10 जुलाई 1991 तक मजिस्ट्रेट एंड कलेक्टर मथुरा, 10 जुलाई 1991 से 4 जून 1993 तक मजिस्ट्रेट एंड कलेक्टर फिरोजाबाद, 8 जुलाई 1993 से 9 अगस्त 1994 तक स्टाफ ऑफिसरचीफ सेक्रेटरी और स्पेशल सेक्रेटरी कॉन्फिडेंशियल एंड इंटेलीजेंस लखनऊ, 17 अगस्त 1994 से 27 जून 1997 तक मैनेजिंग डायरेक्टर यूपी एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन कानपुर,
25 जून 1998 से 18 मई 2003 तक एमडी यूपी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन कानपुर, 19 मई 2003 से 20 सितम्बर 2003
तक सेक्रेटरी उत्तर प्रदेश सरकार इंडस्ट्रियल डिपार्टमेंट लखनऊ,22 सितम्बर 2003 से 3 अक्टूबर 2003 तक डायरेक्टर सूडा लखनऊ, अक्टूबर 2003 से 17 जुलाई 2004 तक कमिश्नर डिवीज़न मेरठ, 18 जुलाई 2004 से 13 मार्च 2005 तक कमिश्नर सहारनपुर,14 मार्च 2005 से 22 नवंबर 2011तक जॉइंट सेक्रेटरी केंद्र सचिवालय भारत सरकार, 23 नवंबर 2011 से 13 अप्रैल 2012 तक एडिशनल सेक्रेटरी,केंद्र सचिवालय भारत सरकार, 25 अप्रैल 2012 से 7 मई 2012 तक एडिशनल रेजिडेंट कमिश्नर उत्तरप्रदेश नई दिल्ली, 7 मई 2012 से 11 जून 2013 तक एडिशनल रेजिडेंट कमिश्नर उत्तर प्रदेश और स्पेशल सेक्रेटरी ग्रामीण विकास लखनऊ, 12 जून 2013 से 2 नवंबर 2014 तक एडिशनल सेक्रेटरी भारत सरकार डिपार्टमेंट ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस, 3 नवंबर 2014 से 30 नवंबर 2014 तक स्पेशल सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस, 1 दिसंबर 2014 से 28 जून 2017 तक सेक्रेटरी भारत सरकार मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग में तैनात रहे।