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 आंचलिक विज्ञान नगरी को भी नहीं याद रहा NEWTON का जन्मदिन

तभी तो अलीगंज स्थित आंचलिक विज्ञान नगरी में आज न्यूटन को याद करने वाला कोई नहीं है। जी हाँ आज गुरुत्वाकर्षण की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक न्यूटन का जन्मदिन है।

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Rohit Singh

Jan 04, 2016

लखनऊ। लगता है विज्ञान के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले वैज्ञानिकों के कार्यों को विज्ञान से जुडी संस्थाएं ही भूलने लगी हैं। तभी तो अलीगंज स्थित आंचलिक विज्ञान नगरी में आज न्यूटन को याद करने वाला कोई नहीं है। जी हाँ आज गुरुत्वाकर्षण की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक न्यूटन का जन्मदिन है, जिन्होंने हमें ये बताया कि पेड़ से सेब नीचे ही क्यों गिरता है ऊपर क्यों नहीं जाता।

गुरुत्वाकर्षण की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक न्यूटन का आज जन्मदिन है लेकिन आंचलिक विज्ञान नगरी को इस बात की जानकारी ही नहीं है। आंचलिक विज्ञान नगरी के पीआरओ केके चटर्जी ने बताया कि आज साइंस सेंटर में न्यूटन को लेकर कोई कार्यक्रम नहीं मनाया।

कौन थे न्यूटन

सर आइज़ैक न्यूटन (4 जनवरी 1643-31 मार्च 1727 ) इंग्लैंड के एक वैज्ञानिक थे। जिन्होंने गुरुत्वाकर्षण का नियम और गति के सिद्धांत की खोज की। वे एक महान गणितज्ञ, भौतिक वैज्ञानिक, ज्योतिष एवं दार्शनिक थे। इनका शोध प्रपत्र "Philosophiae Naturalis Principia Mathematica" सन् 1687 में प्रकाशित हुआ, जिसमें सार्वत्रिक गुर्त्वाकर्षण एवं गति के नियमों की व्याख्या की गई थी और इस प्रकार चिरसम्मत भौतिकी (क्लासिकल भौतिकी) की नींव रखी। उनकी फिलोसोफी नेचुरेलिस प्रिन्सिपिया मेथेमेटिका, 1687 में प्रकाशित हुई, यह विज्ञान के इतिहास में अपने आप में सबसे प्रभावशाली पुस्तक है, जो अधिकांश साहित्यिक यांत्रिकी के लिए आधारभूत कार्य की भूमिका निभाती है।

गुरुत्वाकर्षण से इन नियमों की खोज

इस कार्य में, न्यूटन ने सार्वत्रिक गुरुत्व और गति के तीन नियमों का वर्णन किया जिसने अगली तीन शताब्दियों के लिए भौतिक ब्रह्मांड के वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया। न्यूटन ने दर्शाया कि पृथ्वी पर वस्तुओं की गति और आकाशीय पिंडों की गति का नियंत्रण प्राकृतिक नियमों के समान समुच्चय के द्वारा होता है, इसे दर्शाने के लिए उन्होंने ग्रहीय गति के केपलर के नियमों तथा अपने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के बीच निरंतरता स्थापित की, इस प्रकार से सूर्य केन्द्रीयता और वैज्ञानिक क्रांति के आधुनिकीकरण के बारे में पिछले संदेह को दूर किया।



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