30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झटका! वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल हुआ महंगा, वाहन मालिकों को देनी होगी 8 गुना ज्यादा फीस

रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल की फीस 8 गुना महंगी हो गई है। इसके मुताबिक पहली तारीख से 15 वर्ष से ज्यादा पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन वर्तमान दर से 8 गुना महंगा हो गया है। इसके अनुसार, अब आपको 15 वर्ष पुराने फोर व्हीलर के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करने के लिए 5000 हजार की कीमत का भुगतान करना होगा।

2 min read
Google source verification
Registration Renewal of 15 Year Old Vehicles 8 Times more Costly

Registration Renewal of 15 Year Old Vehicles 8 Times more Costly

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक एक अप्रैल से भारत में 15 वर्ष पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल महंगा हो गया है। रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल की फीस 8 गुना महंगी हो गई है। इसके मुताबिक पहली तारीख से 15 वर्ष से ज्यादा पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन वर्तमान दर से 8 गुना महंगा हो गया है। इसके अनुसार, अब आपको 15 वर्ष पुराने फोर व्हीलर के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करने के लिए 5000 हजार की कीमत का भुगतान करना होगा। वर्तमान रेट 600 रुपये है। इसी तरह टू व्हीलर की कीमत 300 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो जाएगी। लग्जरी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की कीमत 15,000 रुपये से बढ़कर 40,000 रुपये हो जाएगी। इसके अलावा लेट रजिस्ट्रेशन फीस भी लगेगी।

फिटनेस टेस्ट भी महंगा

रजिस्ट्रेशन के साथ ही फिटनेस टेस्ट भी महंगा हो गया है। अगर कोई वाहन मालिक प्राइवेट व्हीकल रजिस्ट्रेशन को रिन्यू कराने में देरी करता है, तो उसे 300 रुपये की एडिशनल कॉस्ट का भुगतान करना होगा। वहीं, अगर कमर्शियल व्हीकल है, तो उसके लिए 500 रुपये का जुर्माना प्रति माह लगेगा। फिटनेस टेस्ट की लागत भी बढ़ेगी। बस और ट्रकों के लिए 1,500 रुपये की फिटनेस टेस्ट लागत के बजाय 12,500 रुपये होगी। टैक्सियों का शुल्क 7,000 रुपये होगा, जो कि पहले 1,000 रुपये होगा।

हर पांच साल में कराना होगा पुरानी गाड़ियों को रिन्यू

पुरानी गाड़ियों को हर पांच साल में आपको रिन्यू कराना (Registration Renewal Fees) होगा। अगर कमर्शियल व्हीकल के आठ साल से ज्यादा पुराने होने के बाद उनके पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है, तो उसे रखना भी अनिवार्य होगा। यह फैसला इस आधार पर लिया गया है कि वाहन मालिक पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराकर नई गाड़ी खरीदना पसंद करेंगे जो कि कम प्रदूषण वाले फीचर्स से लैस होगी।

यह भी पढ़ें: कोविड ट्रीटमेंट पर टैक्स छूट मगर दवाओं का खर्च हो गया महंगा, निवेश पर भी कटौती, हाईवे पर देना होगा ज्यादा टैक्स, जानें और क्या हुए बदलाव

17 लाख वाहन 15 वर्ष से ज्यादा पुराने

सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक देश में इस समय लगभग 17 लाख मीडियम और हेवी कमर्शियल वाहन 15 साल से पुराने हैं, जो कि बिना वेलिड फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़कों पर चल रहे हैं। अब नया नियम पहली अप्रैल से लागू हो चुका है। ऐसे में अगर नए नियम के बाद भी बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले पुराने वाहन अगर सड़क पर चलते पाए गए तो उन्हें तत्काल स्क्रैप होेने के लिए भेज दिया जाएगा।

Story Loader