13 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रीता बहुगुणा जोशी ने बढ़ती जनसंख्या पर दिया बयान, कहा ये उपलब्ध संसाधनों और विकास के लिए है घातक

विश्व जनसंख्या दिवस पर 11 से 25 जुलाई तक प्रदेश में मनाया जायेगा ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा’.

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Abhishek Gupta

Jul 10, 2018

Rita Bahuguna

Rita Bahuguna

लखनऊ. प्रदेश की परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने मंगलवार को कहा कि उपलब्ध संसाधनों की तुलना में जनसंख्या की निरन्तर हो रही वृद्धि राष्ट्र स्तर और प्रदेश स्तर पर विचारणीय है। उन्होंने कहा सरकार द्वारा और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा इस दिशा में निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वृद्धि दर में अब तक बहुत कम गिरावट ही दर्ज हुई हैं उन्होंने कहा जनसंख्सा वृद्धि को रोकने और वृद्धि दर में गिरावट लाने के लिए सभी जागरूक लोगों को मिलकर काम करना होगा। इस कार्य के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने के लिए मीडिया का आवाहन भी किया।

मंत्री आज 11 से 25 जुलाई, 2018 तक प्रदेश में चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े की जानकारी देने के लिए एस.पी.एम.यू. विशाल काम्प्लेक्स के सभाकक्ष में प्रेसवार्ता कर रही थी। इस अवसर पर मंत्री ने प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांकों के अपेक्षित सुधार में परिवार कल्याण कार्यक्रम की महत्ता पर विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की मातृ मृत्यु दर 201 प्राप्त किये जाने में परिवार कल्याण कार्यक्रम की महत्ता को नकारा नहीं जा सकता है। एन0एफ0एच0एस0-4 के आॅंकड़ों के अनुसार प्रदेश की सकल प्रजनन दर में भी गिरावट दर्ज की गयी। वर्तमान में प्रदेश की सकल प्रजनन दर 2.7 है, जिसको निकट भविष्य में 2.1 तक प्राप्त किया जाना है। उन्होंने कहा परिवार नियोजन के लिए महिलाओं द्वारा करायी गयी नसबंदी के आंकड़ों की तुलना में पुरूषों की प्रतिभागिता बेहद कम है जिस पर अब ध्यान केन्द्रित कर पुरूषों को प्रतिभागिता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।

परिवार कल्याण मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विश्व जनसंख्या दिवस दिनंाक 11 जुलाई 2018 को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 11-25 जुलाई 2018 को ‘‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा‘‘ घोषित किया गया है तथा जनसंख्या स्थिरता के सम्बन्ध में जन जागरुकता बढ़ाने के लिए ’’एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ’’ थीम निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में पूरे प्रदेश में 11 से 25 जुलाई के मध्य जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जायेगा । इस पखवाड़े के दौरान राज्य एवं जनपद की स्वास्थ्य इकाईयों पर जनमानस के मध्य परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थायी विधियों का प्रचार-प्रसार किये जाने के साथ-साथ लाभार्थियों को उनकी इच्छानुसार गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराये जायेंगें। इस दौरान जनपद स्तर पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जायेगा।

परिवार कल्याण मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि 11 जुलाई को सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा जनजागरूकता रैली का शुभारम्भ 5-कालीदास मार्ग से किया जाएगा। मंत्री ने परिवार कल्याण कार्यक्रम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 01 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2018 के बीच पुरूष नसबंदी 3994, महिला नसबंदी 256801, आईयूसीडी 745693, प्रसव पश्चात आईयूसीडी 299891, गर्भ निरोधक इन्जेक्शन अन्तरा का उपयोग 9914, गैर हारमोनल गोली छाया (सेन्टोक्रोमान) का उपयोग 6819 हुआ। प्रसव पश्चात आई0यू0सी0डी0 इनसर्शन सेवाओं की जानकारी देते हुए मंत्री जी ने बताया कि प्रदेश में कुल 766 प्रसव इकाईयों का सुदृढ़ीकरण करके 1273 चिकित्सकों एवं 4222 स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षित किया गया है।

उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को प्रसव पश्चात आई0यू0सी0डी0 इनसर्शन की सुविधा अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु 1808 सेवाप्रदाताओं को काउन्सलिंग हेतु प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही इकाईयों पर प्रचार-प्रसार हेतु व्यापक आई0ई0सी0-बी0सी0सी0 सामग्री उपलब्ध है। इन सब प्रयासों का यह परिणाम है कि कुल 7,62,160 महिलाएॅं अपने इच्छानुसार प्रसव पश्चात आई0यू0सी0डी0 इनसर्शन की सेवाएॅं प्राप्त कर चुकी हैं। प्रसव पश्चात आई0यू0सी0डी0 इनसर्शन के मामले में प्रदेश ने देश में उच्च स्तर प्राप्त किया है। जबसे प्रसव पश्चात आई0यू0सी0डी0 इनसर्शन सेवाओं की शुरुआत हुई है तबसे आज तक इसकी स्वीकार्यता 15 प्रतिशत तक पहुॅंच चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत (12 प्रतिशत) से अधिक है।