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यूपी में एक महीने तक देशभक्ति की भावना जगाएगा RSS, लोगों तक पहुंचने का रोडमैप तैयार

उत्तर प्रदेश में 19 नवम्बर से दिसंबर तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अभियान के तौर पर अमृत महोत्सव मनाने जा रहा है, इस कार्यक्रम के तहत तिरंगा यात्रा, वंदे मातरम गायन, स्वतंत्रता सेनानियों की याद और हर जिले में हजारों बैठकें और सेमिनार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, स्कूल-कॉलेजों में भी शोभा यात्रायें निकाली जाएंगी

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Nov 17, 2021

rss will celebrate amrit mahotsav in up from 19 november

यूपी में एक महीने तक देशभक्ति की भावना जगाएगा RSS, लोगों तक पहुंचने का रोडमैप तैयार

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए आरएसएस 19 नवम्बर से एक महीने तक अमृत महोत्सव मनाने जा रहा है। इस अभियान के तहत आरएसएस ने प्रदेश भर में खासकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के एक-एक गांव तक पहुंचने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इस दौरान तिरंगा यात्रा, वंदे मातरम गायन, स्वतंत्रता सेनानियों की याद और हर जिले में हजारों बैठकें और सेमिनार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूल-कॉलेजों में भी शोभा यात्रायें निकाली जाएंगी। प्रांत स्तर, ब्लॉक स्तर, ग्राम पंचायत स्तर पर देशभक्ति की भावना जगाने के आरएसएस ने कमेटियां गठित की है। हर कमेटी में 25 से 30 लोग शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में आरएसएस की सभी इकाइयां शामिल होंगी।

नाम न छापने की शर्त पर आरएसएस के एक वरिष्ठ स्वयंसेवक ने कहा कि अमृत महोत्सव अभियान के तहत चर्चित स्वतंत्रता सेनानियों के अलावा आजादी के जो नायक गुमनाम हैं, संघ उन्हें तलाशेगा और उनसे स्थानीय लोगों को जोड़ेगा। यह कार्यक्रम सिर्फ स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाने तक सीमित नहीं हैं। इसके तहत लोगों को राष्ट्रवादी मुद्दों जैसे- राम मंदिर, अनुच्छेद 370, नागरिकता कानूनों आदि के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा आजादी के नायकों के स्मारकों पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देना, दीप जलाना और उनकी चर्चा करना आदि शामिल है।

19 नवम्बर से होगा आगाज
19 नवम्बर से आरएसएस यूपी में एक महीने तक अमृत महोत्सव को अभियान के तौर पर मनाएगा। इसकी शुरुआत 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की 193वीं वर्षगांठ से होगी और समापन विजय दिवस (16 दिसंबर) पर होगा। 16 दिसंबर 1971 को भारतीय जांबाजों ने पाकिस्तानी सेनाओं को आत्मसमर्पण के लिए विवश कर दिया। 19 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बुंदेलखंड की यात्रा पर होंगे, जहां से वह बीजेपी के 2022 के चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे।

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30 नवम्बर से तिरंगा यात्रा
30 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच आयोजित की जाने वाली तिरंगा यात्रा के दौरान स्वयंसेवक तिरंगा लेकर गांव और ब्लॉक स्तर पर साइकिल, बाइक से युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाएगें। 16 दिसंबर को हर प्रखंड के बड़े कॉलेज-स्कूल ग्राउंड में वंदेमातरम का सामूहिक गायन आयोजित किया जाएगा।

पूरा फोकस बुंदेलखंड और पूर्वांचल पर
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 20 बुंदेलखंड में और 156 पूर्वांचल में है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी में बुंदेलखंड की सभी सीटों पर कमल खिलाया था, जबकि पूर्वांचल में 100 से अधिक सीटें जीती थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2022 में जो भी दल बुंदेलखंड और पूर्वांचल में बढ़त हासिल करेगा, लखनऊ में सत्ता भी उसी दल की बनेगी। इसीलिए बीजेपी और आएएसएस का पूरा फोकस इन क्षेत्रों पर है। खासकर पश्चिमी यूपी में किसानों के विरोध के चलते संभावित नुकसान को देखते हुए बीजेपी की रणनीति पूर्वांचल और बुंदेलखंड से इसकी भरवाई करने की है। इसके लिए इन क्षेत्रों के लोगों की सहूलियत के लिए लगातार सौगातें दी जा रही हैं।

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