
RTO Vehicle fitness Rules: आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के वाहनों में फिटनेस जांच को अनिवार्य कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकार वाहनों की फिटनेस को लेकर फैसला लेने पर विचार कर रही है। शासन की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी करने के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में वाहनों की फिटनेस जांच को अनिवार्य कर दिया जाएगा, साथ ही फिटनेस सर्टीफिकेट की अवधि दो साल की जाएगी।
अभी एक साल का लग सकता है समय
सरकार अगले साल से सभी वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य करने जा रही हैं। इसके लिए अप्रैल 2023 तक नए स्वचालित परीक्षण स्टेशन लगाए जाएंगे। इन स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) को निजी कंपनी द्वारा संचालित किया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने को इस संबंध में रूपरेखा तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार द्वारा फिटनेस को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर जनता की राय लेने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
आसान होगी जांच
RTO Vehicle fitness Rules एटीएस में वाहन की फिटनेस जांच मैकेनिकल उपकरण की मदद से स्वचलित तरीके से की जाती है। अधिसूचना में कहा गया है कि इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, भारी मालवाहक वाहनों पर भारी यात्री मोटर वाहनों के लिए एटीएस से फिटनेस जांच 1 अप्रैल 2023 शनिवार की जाएगी। मध्यम आकार वाले माल वाहनों, यात्री वाहनों और फल के मोटर वाहनों के लिए एक जून 2024 से फिटनेस जांच को अनिवार्य किया जाएगा।
ये हैं प्रदेश के पुराने वाहन
अधिकारियों का कहना है स्वचालित परीक्षण स्टेशन के पूर्व पंजीकरण पंजीकरण के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम प्रदान किया जाएगा। पंजीकरण अधिकारी राज्य के परिवहन आयुक्त के विस्तार या इससे ऊपर का होगा। आंकड़ों के मुताबिक 51 लाख हल्के मोटर वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने हैं 34 लाख वाहन 15 साल से ज्यादा पुराने हैं। 17 लाख मध्यम भारी वाणिज्यिक वाहन 15 साल से ज्यादा पुराने हैं जिनके पासवर्ड विटनेस जांच प्रमाण पत्र नहीं है।
Updated on:
05 Feb 2022 04:08 pm
Published on:
05 Feb 2022 04:04 pm
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