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यूपी पंचायत चुनाव : बैंक के कर्जदार हैं तो नहीं लड़ पाएंगे ग्राम प्रधान का चुनाव, देना होगा नो-ड्यूज

- पंचायत चुनाव लड़ने के लिए चुकाना होगा बैंक का कर्ज- किसानों पर बैंक और समितियों का कई करोड़ों रुपए बकाया

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लखनऊ

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Neeraj Patel

Feb 24, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. अगर आप इस बार पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं तो आपके लिए पंचायत चुनाव से जुड़ी अच्छी खबर है। अगर आप सहकारी बैंक व समितियों के कर्जदार है और पंचायत चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले सहकारी बैंक व समितियों का कर्ज चुकाना अनिवार्य होगा, नहीं तो आप पंचायत चुनाव में दावेदारी नहीं कर पाएंगे। सहकारी बैंक व समितियों के आप कर्जदार नहीं हैं तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। आप आसानी से पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। इस बार पंचायत चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को नामांकन के समय सहकारी बैंक और समितियों से जारी नोड्यूज प्रमाण-पत्र भी अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। अगर आप नामांकन के समय सहकारी बैंक और समितियों से जारी नोड्यूज प्रमाण-पत्र जमा नहीं कर पाते है तो आपको पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश में भावी उम्मीदवारों की पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शासन-प्रशासन ने चुनाव को लेकर गाइडलाइन जारी की है। सहकारी बैंक और समितियों के कर्जदारों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। संतोषजनक बकाया वसूली नहीं होने पर डीएम ने अधिकारियों को पत्र जारी किए हैं। निर्देश दिए हैं कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों से सहकारी बैंक और समितियों के नोड्यूज सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से लिए जाएं। आपका बैंक अकाउंट क्लियर होगा और किसी भी बैंक के आप कर्जदार नहीं है तो ही आपकों चुनाव लड़ने दिया जाएगा।

किसानों पर बैंक का 33.63 करोड़ बकाया

दरअसल यूपी में बड़ी संख्या में किसान सहकारी बैंक की शाखाओं और इनकी वित्त पोषित सहकारी समितियों से कर्ज लेते हैं। कुछ किसान खाद-बीज उधार उठाते हैं। इस धनराशि को सालों तक किसान जमा नहीं करते। कुछ किसानों को उम्मीद रहती है कि यह कर्ज माफ हो जाएगा। प्रदेश के हर जिले में ऐसे किसानों पर बैंक और समितियों का 33.63 करोड़ रुपए बकाया है। बैंक शाखाओं से वितरित ऋण की वसूली समय से नहीं हो पा रही है। अधिकारियों से कहा गया है कि जल्द ही पंचायत चुनाव होने हैं। बड़ी संख्या में सहकारी बैंक और समितयों के कर्जदारों के चुनाव लड़ने की संभावना है। ऐसे में प्रत्याशियों से नामांकन के समय सहकारी बैंक और समितियों से जारी नोड्यूज प्रमाण-पत्र अवश्य लिया जाए।

सूबे में इस बार बढ़ जाएंगे संवेदशील बूथ

प्रदेश के हर जिले में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हर जिले में इस बार पंचायत चुनाव के मद्देनजर संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की संख्या भी बढ़ जाएगी। पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए विवादित गांवों को संवदेनशील और अतिसंवदेनीशल में शामिल करने की पूरी तैयारी कर ली है। शीघ्र ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 के मद्देनजर नए सिरे संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों की सूची तैयार कर ली जाएगी। जिससे चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जा सके। बागपत जनपद के सभी 6 ब्लाकों में ग्राम पंचायतों की संख्या 244 हैं। इन ब्लाकों में कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 502 हैं, इनमें वर्तमान में सामान्य मतदान केन्द्रों की संख्या 240, संवेदनशील की संख्या 121 , अति संवेदनीशल की संख्या 94 और अतिसंवदेशील प्लस मतदान केन्द्रों की संख्या 47 है।