अखिलेश यादव को बड़ा झटका, छह महीने में सपा ने खोये सबसे अधिक राज्यसभा सांसद

- समाजवादी पार्टी की राज्यसभा में कम होती सीटें सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं
- बीते छह महीनों के भीतर सपा के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, सुरेंद्र नागर, संजय सेठ और तंजीम फातिमा ने दिया इस्तीफा

हरिओम द्विवेदी
लखनऊ. राज्यसभा में कम होती सीटें समाजवादी पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। बीते छह महीनों के भीतर सपा के तीन बड़े नेता नीरज शेखर, सुरेंद्र नागर और संजय सेठ ने न केवल राज्यसभा से इस्तीफा दिया, बल्कि वह बीजेपी में शामिल हो गये। वहीं, हाल ही में एक और सांसद तंजीम फातिमा ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। गौरतलब है कि उच्च सदन में उत्तर प्रदेश से 31 सदस्य हैं, जिनमें पहले सबसे ज्यादा सदस्य (14) सपा के थे। लेकिन, अमर सिंह से शुरू हुए पलायन के बाद से सपा के सांसदों की संख्या लगातार कम होती गई, जो अब 09 (अमर सिंह को छोड़कर) पर पहुंच गई है। राज्यसभा में यूपी से बीजेपी के 14, बसपा के 04 और कांग्रेस के 02 सदस्य हैं।

वर्तमान में राज्यसभा में बीजेपी के 81 सदस्य हैं। इसके अलावा जनता दल (यूनाइटेड) के छह, शिरोमणी अकाली दल के तीन और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के एक सदस्य हैं। इन सबको मिलकर राज्यसभा में एनडीए के 92 सांसद होते हैं। मौजूदा समय में अन्ना द्रमुक के 13 राज्य सभा सांसद हैं, अहम मौकों पर बीजेपी को इनका समर्थन मिलता आया है। इसके अलावा तीन नामांकित सदस्यों का समर्थन भी मौजूदा सरकार को मिल रहा है। इनमें स्वपन दासगुप्ता, मैरीकॉम और नरेंद्र जाधव के नाम शामिल हैं। इस हिसाब से एनडीए के राज्यसभा में सांसदों की संख्या 115 तक पहुंचती है। इसके अलावा राज्यसभा में कांग्रेस के 46, सपा के 09 और बसपा के 04 सदस्य हैं।

राज्यसभा की ये सीटें हैं रिक्त
245 सदस्यीय राज्यसभा में वर्तमान में 238 सदस्य हैं। यहां सात सीटें रिक्त हैं। इनमें असम की दो, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, बिहार और हरियाणा की एक-एक सीट शामिल है। यूपी की जो एक सीट आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई हैं।

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यूपी की राज्यसभा सीट के लिए अधिसूचना जारी
तंजीम फातिमा के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की एकमात्र रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आयोग के अनुसार आगामी दो दिसम्बर तक नामांकन पत्र दाखिल किये जायेंगे। तीन दिसम्बर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और पांच को नाम वापस लिये जायेंगे। जरूरी हुआ तो 12 दिसम्बर को मतदान होगा। पिछले महीने यूपी विधानसभा की 11 सीटों पर हुये उपचुनाव में तंजीम फातिमा ने रामपुर सदर सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इस सीट का कार्यकाल 25 नवम्बर 2020 तक ही था।

यूपी विधानसभा भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अकेले दम पर 311 सीटें जीती थीं, जबकि 09 सीटों पर सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) के पास हैं। इस कारण तंजीम के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई राज्यसभा सीट पर शायद ही कोई दल अपना प्रत्याशी घोषित करे। इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इस सीट के लिए भाजपा में भी किसी नेता ने प्रत्याशी बनने में रुचि नहीं दिखाई है। नाम न छापने की शर्त पर बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि टिकट के लिए लाइन लगाने का कोई मतलब नहीं है। उम्मीदवार कौन होगा नाम ऊपर से ही फाइनल होगा।

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राज्यसभा में अभी सपा के सांसद
समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, विशम्भर प्रसाद निषाद, जया बच्चन, डॉ. चन्द्रपाल सिंह यादव, प्रो. राम गोपाल यादव, चौधरी सुखराम सिंह यादव, बेनी प्रसाद वर्मा, रवि प्रकाश वर्मा और रेवती रमन सिंह अभी राज्यसभा में सपा के सांसद हैं।

नवंबर 2020 को इनका समाप्त हो रहा है कार्यकाल
जावेद अली खां- सपा
सपा रामगोपाल यादव- सपा
रवि प्रकाश वर्मा- सपा
राजाराम- बसपा
वीर सिंह एडवोकेट- बसपा
पीएल पुनिया- कांग्रेस

जुलाई 2022 को इनका समाप्त हो रहा है कार्यकाल
सुरेंद्र सिंह नागर- सपा
बेनी प्रसाद वर्मा- सपा
कुंअर रेवती रमण सिंह- सपा
सतीश चंद्र मिश्रा- बसपा
अशोक सिद्धार्थ- बसपा
कपिल सिब्बल- कांग्रेस
अमर सिंह

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