
chetan chauhan
लखनऊ. पूर्व क्रिकेटर व कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान (Chetan Chauhan) का बीते रविवार निधन हो गया जिसके बाद यूपी के साथ-साथ देशभर ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त की। उनके निधन का मु्ख्य कारण कोरोना (Corona) ही था, लेकिन शनिवार को भरे उच्च सदन में जो खुलासा हुआ उसने उनके साथ हुए अस्पताल में हुए दुर्व्यवहार व स्वास्थ्य महकमे की पोल खोलकर रख दी। सदन में सभी स्तब्ध रह गए। समाजवादी पार्टी एमएलसी सुनील साजन (Sunil Sajan) ने बताया कि किस कदर एक कैबिनेट मंत्री व देश के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेच चुके चेतन चौहान के साथ बर्ताव किया गया। सुनील साजन ने बताया कि 11 जुलाई को वो दोपहर में लखनऊ पीजीआई में कोरोना संक्रमित होने के कारण भर्ती हुए थे और चेतन चौहान उसी दिन शाम को पीजीआई अस्तापल में भर्ती हुए थे। आठ बेड को वार्ड में वे दोनों अगल-बगल ही थे।
सुनील ने बताया कि चेतन चौहान से मेडिकल ने गेट से उनका परिचय पूछा, मानों वे उन्हें जानते ही न हो। उनका नाम व पद जानने के बाद भी उन्हें सम्मान देना तो दूर उन्हें 'चेतन' कहते हुए संबोधित करते रहे।
सुनील ने अपनी आंखों देखी कुछ यूं बताई-
पीजीआई स्टाफ आया और पूछा- चेतन, आपको कब हुआ कोरोना, चेतन, तुम क्या करते हो?
चेतन चौहान- मैं कैबिनेट मंत्री हूं।
स्टाफ - कहां के?
चेतन चौहान- उत्तर प्रदेश सरकार के।
स्टाफ - चेतन, तुम्हारे घर में और कौन संक्रमित है?
सपा एमएएलसी ऐसा दुर्व्यवाहर देख हैरत में पड़ गए। उन्होंने बीच में टोकते हुए स्टाफ से कहा कि ये वो चेतन हैं तो देश के लिए क्रिकेट खेलते थे।
डॉक्टर ने कहा- अच्छा ये वो चेतन हैं।
यह कहते हुए पूरा स्टाफ बाहर चला गया।
उनकी मौत सरकार की अव्यवस्था से हुई है-
सुनील साजन ने पूरा वाक्य बयान करते हुए कहा कि चेतन चौहान दो दिन तक हमारे बगल में रहे। वो जो घुटन महसूस कर रहे थे और कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि चेतन चौहान जी की मौत कोरोना से नहीं बल्कि सरकार की अव्यवस्था से हुई है। प्रदेश के अस्पतालों में सरकार का कोई दबाव नहीं है। सपा एमएलसी के इस बयान से सदन में सन्नाटा पसर गया। सरकार के पक्ष से भी कोई बोलने वाला नहीं था। निम्न देखें वीडियो-
Updated on:
22 Aug 2020 10:34 pm
Published on:
22 Aug 2020 09:40 pm
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