24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सपा ने राजस्थान में कांग्रेस को दिया तगड़ा झटका, लेगी 2018 के चुनाव का बदला?

राजस्थान में पहले ही गहलोत-पायलट गुटों में खींचतान से जूझ रही कांग्रेस को सपा ने तगड़े प्रेशर में ले लिया है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Rizwan Pundeer

Mar 24, 2023

Akhilesh yadav

राजस्थान विधानसभा 2018 में सपा ने अकेले चुनाव लड़ा था

राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा का चुनाव होना है। कांग्रेस किसी तरह से सत्ता में वापसी का रास्ता तलाश रही है। इस बीच समाजवादी पार्टी की तरफ से किया गया ऐलान पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।


क्या कहा है सपा ने?
समाजवादी पार्टी के विधायक और राजस्थान के प्रभारी रविदास मेहरोत्रा ने साफ कहा है कि सपा इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में सभी 200 सीटों पर लड़ेगी। उन्होंने कहा है कि सपा इसके लिए लगातार मेहनत कर रही है। उन्हें उम्मीद है कि पार्टी बेहतरीन प्रदर्शन राजस्थान में करेगी।

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा (बीच में) राजस्थान में कार्यकर्ताओं के साथ IMAGE CREDIT:

कांग्रेस के लिए क्यों बन सकती है चुनौती?
राजस्थान के हरियाणा और यूपी के पास के इलाकों, खासतौर से यादव और मुसलमानों के बीच राजस्थान में सपा का संगठन है। ऐसे में समाजवादी पार्टी पूरी ताकत से लड़ी तो कई सीटों पर वो कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।

राजस्थान में हर 5 साल में सरकार बदल जाने की रिवायत रही है। ऐसे में कांग्रेस के लिए वापसी आसान नहीं है। दूसरी तरफ कांग्रेस के 2 बड़े नेता सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच गुटबाजी भी किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में सपा अगर राजस्थान की सभी सीट पर उतरी को कांग्रेस के साथ खेल हो जाएगा।

यह भी पढ़ें: उड़ते हुए ट्रेन से टकराया सारस, फिर बंदरों ने नोचा, अस्पताल में लड़ रहा जिंदगी की जंग, क्या बचेगी जान?

पिछले चुनाव का बदला लेना चाहेगी सपा
राजस्थान में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस से गठबंधन कर चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। कांग्रेस की ओर से जब उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई तो गठबंधन टूट गया। इसके बाद सपा ने अपने बूते कुछ सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन कोई सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी। सपा ने बीते चुनाव में कांग्रेस पर गठबंधन मे धोखा करने का आरोप लगाया था, ऐसे में इस दफा पार्टी इस धोखे का बदला भी लेना चाहेगी।

यह भी पढ़े: Ramadan 2023: इस साल दुनिया के किस शहर में सबसे लंबा रोजा, कहां सबसे छोटा?