
satish mishra
लखनऊ. दावा सनसनीखेज है। पैसा लेकर टिकट बेचने के मामले में बदनाम हुईं बसपा सुप्रीमो मायावती ने नोटबंदी के बाद करोड़ों रुपए को ठिकाने लगाया था। बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने इन खबरों को निराधार बताते हुए इसे विरोधी दलों की साजिश बताया है।
एक न्यूज चैनल के मुताबिक, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने नोटबंदी के बाद काले धन को सफेद करने वालों की लंबी-चौड़ी लिस्ट बनाई है। इस सूची में मायावती के साथ-साथ लालूप्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती तथा कई राजनेताओं, नौकरशाहों, कानूनविदों, चार्टर्ड अकाउंटेन्ट्स के नाम हैं। ईडी जल्द ही सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने वाली है। ऐसे में मायावती के सामने जेल जाने की नौबत आना मुमकिन है।
कोर्ट में वारंट के लिए दाखिल होगी सूची
नोटबंदी के पहली वर्षगांठ पर प्रवर्तन निदेशालय की सूची में नोटबंदी के बाद संदिग्ध लेन-देन करने वालों के नामों का खुलासा हुआ है। न्यूज चैनल के मुताबिक, नोटबंदी के बाद मायावती ने भी बड़े पैमाने पर करोड़ों रुपए को बेनामी लेन-देन के जरिए सफेद किया था। ईडी की इस लिस्ट से यूपी की राजनीति में भूचाल आना संभव है। बहरहाल, ईडी की यह लिस्ट अभी अदालत में दाखिल नहीं हुई है।
ईडी ने अभी तक 54 को किया है गिरफ्तार
नोटबंदी के बाद काले धन की अवैध तरीके से सफेद बनाने की कोशिश करने वालों को दबोचने के लिए ईडी ने अबतक 800 छापे मारे हैं। इस दौरान 54 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 600 को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, नोटबंदी के बाद संदिग्ध लेन-देन से जुड़े करीब 4000 केस मनी लॉन्ड्रिंग और फेमा के उल्लंघन के तहत दर्ज किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी के तुरंत बाद काले धन के सफेद करने का बड़ा तंत्र सक्रिय हो गया था।
स्टॉक मार्केट, खनन व्यापार और सहकारी संस्थानों का इस गोरखधंधे में जमकर इस्तेमाल किया गया। ईडी ने नवंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच इन सभी मामलों में फेमा और पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया है। खबर है कि ईडी को अबतक 11000 करोड़ रुपए के हेरफेर का सुबूत मिला है। गोरखधंध में संयुक्त अरब अमीरात, दुबई, मलेशिया और हांगकांग जैसे कई देशों के मनी चैनल का इस्तेमाल किया गया था।
सतीश मिश्रा का खंडन
बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया है कि कालेधन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की मुहिम में पार्टी सुप्रीमो मायावती का नाम गलत ढ़ंग से उछाला गया है। हर बार चुनाव से पहले विरोधी दल बसपा अध्यक्ष की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। इस बार भी गलत खबरों को उछालकर दलित नेता की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कालेधन को लेकर ईडी के डोजियर में बसपा सुप्रीमो का नाम होने की खबरें पूरी तरह निराधार, गलत और तथ्यहीन हैं।
Published on:
11 Nov 2017 10:40 am
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