
लखनऊ. नौवीं व दसवीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी है। इन छात्रों को तीन हजार रुपये सालाना की स्कॉलरशिप मिलेगी। अभी छात्रों को 2500 रुपए का वजीफा मिलता है जो कि बढ़कर तीन हजार कर दिया जाएगा। बढ़ी हुई राशि का भार केंद्र सरकार वहन करेगी। राज्यों में पढ़ने वाले यूपी के छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस बारे में केंद्र सरकार के शासनादेश के आधार पर समाज कल्याण निदेशालय ने प्रस्ताव शासन को भेजा है।
बता दें कि ये स्कॉलरशिप दस महीने दी जाती है। केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति योजना के नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत 150 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति को बढ़ाकर 225 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस स्कॉलरशिप में साल में 750 रुपये किताब-कॉपियों आदि के लिए तदर्थ अनुदान मिलता है। यानी, विद्यार्थियों को जहां पहले 2250 रुपये सालाना मिलते थे, वहीं केंद्र का नया शासनादेश स्वीकृत होने पर उन्हें 3000 रुपये सालाना मिलेंगे।
इस स्कॉलरशिप का खर्चा केंद्र सरकार वहन करेगी। केंद्र ने कक्षा-9 व 10 के विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए अधिकतम सालाना आय सीमा भी दो लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी है। नए नियमों के चलते लाभार्थियों की संख्या बढ़ने, दूसरे राज्यों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को लाभ देने और छात्रवृत्ति की दरें बढ़ने से पड़ने वाला भार भी केंद्र सरकार वहन करेगी।
समाज कल्याण निदेशालय ने शुक्रवार को छात्रवृत्ति की दरों में वृद्धि संबंधी प्रस्ताव शासन को भेज दिया। इस साल अब तक कक्षा 9 व 10 के 35 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स वजीफा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर है।
इस स्कॉलरशिप के लिए समाज कल्याण निदेशालय की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्ष 2016-17 में राज्य सरकार ने कक्षा-9 व 10 के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए 66.53 करोड़ रुपये दिए थे। केंद्र सरकार के नए शासनादेश को राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत करने पर 2017-18 से लेकर 2019-20 तक हर साल राज्य सरकार को इतनी ही राशि देनी होगी। सभी पात्र लाभार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए इससे ज्यादा राशि की जरूरत होगी जो केंद्र सरकार से मिलेगी। ऐसे में नौंवी व दसवीं के छात्रों को तीन हजार रुपये छात्रवृत्ति के तौर पर मिलेंगे।
Published on:
14 Oct 2017 12:56 pm
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