21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Lucknow Crime Update: लखनऊ में तेज हॉर्न का कहर, माँ के सामने बेटे ने की हत्या, जानिए पूरी घटना

Lucknow Big Crime News : लखनऊ में दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को खौफ में डाल दिया है। तेज हॉर्न बजाने पर बच्चों के सामने हुई हत्या, आरोपी फरार।

4 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Aug 26, 2023

Live Lucknow News

Live Lucknow News

crime news : मोहनलालगंज के खुजेहटा मजरा बेल्हियाखेड़ा गांव में अखिलेश कुमार यादव (49) पत्नी गुडिय़ा तथा दो बेटों तन्मय व अभिनव के साथ रहते थे। अखिलेश ने अपने बड़े भाई राकेश कुमार के यदुराई विश्वनाथ प्रसाद इंटर कालेज में अपनी वैन लगा रखी थी। जिसे वो खुद चलाकर बच्चों को कालेज लाने व छोडऩे का काम करते थे। बड़े भाई राकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह 7.40 बजे के करीब छोटा भाई अखिलेश वैन लेकर हेल्पर के साथ बच्चे लेने नगराम के देवती मजरा डोभिया गांव गया था।

अजीत का चढ़ गया पारा और फिर

जहां से दो बच्चे वैन में बैठकर निकला ही था कि गांव के बाहर रहने वाले सनकी दबंग अजीत यादव निवासी डोभिया ने अपने दरवाजे पर वैन को जबरन रोक लिया और तेज रफ्तार में गाड़ी निकालने और हॉर्न बजाने का आरोप लगाकर गाली-गलौज करने लगा। वैन से बाहर निकलकर भाई अखिलेश ने विरोध जताया तो दबंग अजीत का पारा चढ गया। जिसके बाद उसने अपने भाईयों के साथ मिलकर डंडे से पीट-पीट कर व कुल्हाड़ी से चेहरे में कई वार कर हत्या कर दी।


सभी बच्चे चिल्लाने लगे, अखिलेश को मृत घोषित किया
बच्चों के चीखने-चिल्लाने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी अजीत को पकड़कर पिटाई के बाद खंभे में रस्सी से बांध दिया जबकि उसके भाई मौके से फरार हो गये। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम पर घटना की सूचना दी। काफी देर तक पुलिस के मौके पर न पहुंचने पर गांव के शिवकुमार ने ग्रामीणों के सहयोग से मरणासन्न हालत में घायल अखिलेश को उसकी वैन में लिटाकर ट्रॉमा सेंटर लेकर गयें, जहां मौजूद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद कोहराम मच गया।

देर से पहुंची पुलिस , दिया ये बयान
सूचना के काफी देर बाद मौके पर पहुंची, नगराम पुलिस की मौजूदगी में पीजीआई पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा। मृतक के बड़े भाई राजेश कुमार ने आरोपी अजीत व उसके भाईयों राकेश, संजय, सुनील पर हत्या का आरोप लगाते हुये कार्यवाही के लिये नगराम थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी हैं। एडीसीपी दक्षिणी शशांक सिंह ने बताया कि विवाद के बाद सिरफिरे ने स्कूल वैन के मालिक की डंडे व कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी है। आरोपी हिरासत में हैं, परिजनो के तहरीर देने पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

आरोपी पहले भी कई लोगों से कर चुका है मारपीट...
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अजीत सनकी व दबंग प्रवृत्ति का है। उसके दरवाजे से गांव का भी कोई व्यक्ति हॉर्न बजाकर व तेज स्पीड में गाड़ी नही निकाल सकता। एक साल पहले गांव के रामदेव के घर उसकी मां की तेरहवीं में शामिल होने आये साढू के बेटे राजेश की महज हॉर्न बजाने पर डंडे से बुरी तरह पिटाई कर बाइक छीन कर अपने घर रख ली थी। पीड़ित रामदेव ने पुलिस से शिकायत की तो उसे ही डरा धमकाकर बिना कार्यवाही किये तीन दिन बाद बाइक वापस करा दी थी। यही नहीं गांव के चन्द्रभान सिंह समेत एक अन्य स्कूल के वैन चालक सुनील समेत अन्य कई की भी आरोपी पिटाई कर चुका है। उसका खौफ से उसके दरवाजे से निकलने से हर कोई डरता था।

खौफजदा बच्चे वैन की सीट के नीचे छुप गये

सनकी दबंग अजीत अपने घर के सामने स्कूल वैन रोककर चालक अखिलेश से गाली-गलौज करते हुये डंडे से बुरी तरह पिटने लगा तो वैन के अंदर बैठे बच्चे बुरी तरह डरकर वैन की सीटों के नीचे छुप गए। जिसके बाद किसी तरह वैन का पिछला गेट खोलकर गांव की तरफ चिल्लाते हुए भागे बच्चों ने ग्रामीणों को घटना के बारे में बताया। तब जाकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पिटाई के बाद रस्सी से खंभे में बांधने के साथ पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर आने पर आरोपी को उनके सुपुर्द किया।

पीएम के बाद शव घर पहुंचने पर मचा कोहराम
बेहद शालिन स्वभाव के अखिलेश की मौत की खबर से ग्रामीण स्तब्ध रहे। पोस्टमार्टम के बाद शाम चार बजे के करीब मृतक अखिलेश का शव घर पहुंचा तो पत्नी गुडिय़ा व बेटा तन्मय व अभिनव शव से लिपटकर बिलख पड़े। वहीं बड़े भाईयों राजेश कुमार, राकेश कुमार व विवाहिता बहनों राजवती, रन्नो का भी रो-रो कर बुरा हाल था। मौके पर मौजूद रिश्तेदारों व ग्रामीणों की आंखें भी परिवार का हाल देख नम हो गयी। मृतक अखिलेश मारुति वैन चलाकर उससे होने वाली कमाई से अपने परिवार के लिये दो जून की रोटी का इंतजाम करता था।


बेटे तन्मय को बनाना चाहता था अफसर

मृतक अखिलेश अपने बड़े बेटे तन्मय को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना चाहते थे। वो अपनी सीमित कमाई को बेटों की परवरिश व पढ़ाई में आड़े नहीं आने देते थे। दो साल पहले बेटे तन्मय का लखनऊ के नवोदय विद्यालय में एडमिशन कराया था। जहां हास्टल में रहकर बेटा पढाई कर रहा था। पिता की मौत के बाद तन्मय को रिश्तेदार स्कूल से लेकर घर पहुंचे तो उसे पिता की हत्या की जानकारी हुये। जिसके बाद वो अपनी मां व भाई से लिपटकर बिलख पड़ा। उसे भरोसा नही हो रहा था कि उसके पिता इस दुनिया में नही।

घटना के छ: घंटे बाद एसीपी व इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे

ग्रामीणों ने बताया स्कूल वैन के मालिक अखिलेश की दबंग अजीत द्वारा पीट-पीट कर हत्या किये जाने की सूचना 112 कन्ट्रोल रुम समेत नगराम पुलिस को तुरंत दी गयी,लेकिन लापरवाह बनी नगराम पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। करीब एक घंटे बाद डायल- 112 बाइक से दो सिपाही मौके पर आये और आरोपी अजीत को बिठाकर साथ लेकर चले गयें। घटना के करीब छह घंटे बाद 2 बजे के करीब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार राघव, हल्का इंचार्ज समेत एसीपी नितिन कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।

आरोपी ने अपनी मां के सामने पीट-पीट कर मार डाला

ग्रामीणों ने बताया कि दबंग अजीत ने वैन को जिस समय रोक था उसकी मां भी घर के बाहर बैठी थी, लेकिन उसने अपनी मां के सामने ही डंडे से बुरी तरह पीट-पीटकर और कुल्हाड़ी से वार कर निर्मम तरीके से वैन मालिक अखिलेश की हत्या कर दी। अगर समय रहते आरोपी की मां उसे रोकने के साथ ग्रामीणों को बुला लेती तो शायद वैन मालिक की जान बच जाती।