
अखिलेश ने इन्हें निकाला पार्टी से, तो रामगोपाल यादव के खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ. अनुशासनहीनता के चलते विधायक हरिओम यादव और उनके बेटे विजय प्रताप यादव को पार्टी से निकालने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव संगठन को मजबूती देने में लगे हुए हैं। 2019 चुनाव को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बागी ओर अनुशासन तोड़ने वाले नेताओं पर अखिलेश यादव ने नकेल कसना शुरू कर दी है। इसी कर्म में उन्होंने विधायक हरिओम यादव और उनके बेटे विजय प्रताप यादव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है।
पार्टी से निकाले जाने के बाद विजय प्रताप ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के खिलाफ मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि पूर्व पूर्व मंत्री जयवीर सिंह से रामगोपाल यादव का समझौता हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि सिरसागंज थाने में किसान की मौत की FIR दर्ज करने गए थे। इसी का नतीजा है कि उन्हे पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है।
रामगोपाल पर लगाए आरोप
सपा विधायक हरिओम यादव ने पार्टी नेतृत्व से बगावत की है। इसी क्रम में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसी बात से नाराज हरिओम यादव और उनके बेटे विजय प्रताप यादव ने सपा के राष्ट्रीय नेता रामगोपाल यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा नेता से मिले हुए हैं रामगोपाल यादव
विजय प्रताप यादव का दावा है कि रामगोपाल यादव भाजपा नेता और पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से मिले हुए हैं। यही नहीं बल्कि सपा में होने के बावजूद भाजपा के साथ मिलकर सपा को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
ग्रामीणों को भड़ाकने का भी है आरोप
विधायक हरिओम यादव और उनके बेटे विजय प्रताप यादव पर ग्रामीणों को भड़काने का आरोप है। इस कारण उन्हें जेल भेजा गया था। इस कारण से भी समाजवादी पार्टी ने पिता और बेटे से दूरी बना ली। जाहिर पार्टी में किसी भी सदस्य की लापरवाही का खामियाजा 2019 के चुनावों में भुगतना पड़ सकता है।
Published on:
30 May 2018, 12:22 PM IST
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