
सीएम के पूर्व ओएसडी के खिलाफ सातवां मुकदमा दर्ज हुआ है
उत्तराखंड में सीएम के पूर्व ओएसडी प्रकाश चंद्र उपाध्याय और उनकी गैंग के खिलाफ टेंडर दिलाने के नाम पर देश भर के कई थानों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अब धोखाधड़ी को लेकर मैसर्स शांति इंटरनेशनल के प्रबंधक प्रदीप गुप्ता निवासी लहना सिंह मार्केट मल्कागंज दिल्ली ने देहरादून शहर कोतवाली में तहरीर दी है। कहा कि मुख्यमंत्री के ओएसडी रहते हुए प्रकाश चंद्र उपाध्याय अपने साथी सौरभ शर्मा उर्फ सौरभ वत्स निवासी अठूरवाला, डोईवाला और सुनील सोही निवासी आम्रपाली प्लेटिनम सेक्टर नोएडा के साथ उनसे अगस्त 2018 में मिले थे।
गिरोह ने उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के लिए सामान की सप्लाई का 18 करोड़ टेंडर दिलाने का झांसा पीड़ित को दिया। प्रदीप गुप्ता ने पुलिस को गिरोह के सदस्यों की कॉल रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य भी सौंपे हैं। कोतवाल केसी भट्ट के मुताबिक टेंडर दिलाने का झांसा देकर ठगी में पीसी उपाध्याय सहित पूरी गैंग के खिलाफ उनके यहां पांचवां मुकदमा दर्ज हुआ है।
सीएम के पूर्व ओएसडी और गिरोह का शिकार हुए प्रदीप गुप्ता के मुताबिक प्रकाश चंद्र उपाध्याय ने तब उन्हें सचिवालय के सामने एक होटल में बुलाया था। उन्हें 18 करोड़ रुपये का टेंडर दिलाने का झांसा देते हुए उनसे 1.40 करोड़ रुपये ऐंठे गए थे। प्रदीप गुप्ता के लिए होटल में ठहरने का कमरा भी इस गैंग ने बुक कराया था।
आरोपी सौरभ शर्मा को राजस्थान और पीसी उपाध्याय को देहरादून से गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। सौरभ ने उपाध्याय के साथ गिरोह के रूप में कार्य करते हुए फर्जी सरकारी दस्तावेजों के आधार पर लोगों से धोखाधड़ी की। ई-टेंडरिंग के माध्यम से सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर लोगों के करोड़ों रुपये हड़पे।
इस मामले में नन्दिनी वत्स निवासी सहारनपुर, शाहरूख खान निवासी मारखमग्रांट डोईवाला फरार चल रहे हैं। इससे पूर्व सौरभ वत्स के खिलाफ पूर्व में छह, पीसी उपाध्याय के खिलाफ पांच, नंदिनी और शाहरूख के खिलाफ चार-चार मुकदमे दर्ज हैं। अब पूर्व ओएसडी के खिलाफ सातवां केस दर्ज कर लिया गया है। इस गिरोह के खिलाफ कुछ दिन पूर्व गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी हुई थी।
Published on:
30 Mar 2024 07:47 am
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