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मास्टरमाइंड डॉक्टर शाहीन और भाई परवेज का खतरनाक टेरर कनेक्शन, मालदीव से कश्मीर तक फैला नेटवर्क

Lucknow News: मास्टरमाइंड डॉक्टर शाहीन और उनके भाई डॉ. परवेज के अंतरराष्ट्रीय टेरर नेटवर्क से जुड़े होने के चौंकाने वाले सबूत सामने आए। मालदीव से लेकर लखनऊ और कश्मीर तक फैले इस नेटवर्क ने जांचकर्ताओं को हिला दिया है।

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लखनऊ

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Mohd Danish

Nov 14, 2025

shaheen parvez maldives terror links lucknow kashmir network exposed

मास्टरमाइंड डॉक्टर शाहीन और भाई परवेज का खतरनाक टेरर कनेक्शन | Image Source - 'X' @IANS

Shaheen parvez maldives terror links: दिल्ली ब्लास्ट की मास्टरमाइंड बताई जा रही डॉ. शाहीन के लखनऊ स्थित लालबाग घर पर इन दिनों ताला लटका हुआ है। बाहर दो पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि अंदर उनके पिता मौजूद हैं, जिन्होंने किसी से भी बातचीत करने से इनकार कर दिया है। लगातार पुलिस-एजेंसी की आवाजाही ने पूरे मोहल्ले को सहमा दिया है। कई लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर चुके हैं। इधर, ATS, NIA और अन्य खुफिया एजेंसियां यूपी में शाहीन और उनके भाई डॉ. परवेज अंसारी से जुड़े हर सुराग को खंगाल रही हैं।

तीन साल मालदीव नौकरी ने बदल दी जिंदगी

एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, शाहीन का भाई परवेज 2021 से पहले करीब तीन साल मालदीव में एक मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहा था। वहीं उसकी मुलाकात पाकिस्तान आधारित नेटवर्क से हुई। बताया जा रहा है कि शाहीन के कहने पर वह लखनऊ लौटा और फिर कई बार बहन के साथ जम्मू-कश्मीर गया। दोनों ने करीब दो महीने तक कश्मीर में एक साथ रहकर गतिविधियां संचालित कीं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यूपी में परवेज, शाहीन के लिए स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था।

शांत परिवार की छवि के पीछे छिपे थे कई राज़

मड़ियांव में रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि परवेज कभी मिलनसार हुआ करता था, पर मालदीव से आने के बाद वह ज्यादा लोगों से बातचीत नहीं करता था। उसने अलग घर बना लिया और खुद को समाज से काट लिया। पड़ोसी बताते हैं कि यह परिवार हमेशा शांति से रहा, बच्चों को कभी त्योहारों में भी बाहर नहीं देखा गया, जिससे अब लोगों को समझ आ रहा है कि शायद यह सब पहचान छिपाने की कोशिश थी।

खुफिया एजेंसियों को मालदीव लिंक की तलाश

जांच में सामने आया है कि परवेज अपनी पत्नी और बेटी से भी अलग हो चुका था। वह महीनों उनसे नहीं मिलता था। मोहल्ले वालों का कहना है कि जो अपने परिवार को छोड़ सकता है, वह किसी और का कभी नहीं हो सकता। एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि मालदीव में परवेज किन लोगों के संपर्क में था और वहां क्या-क्या गतिविधियां हुईं।

ईद-बकरीद पर भी नहीं दिखे बच्चे

स्थानीय मस्जिद में नमाज़ के बाद बातचीत में मोहल्ले वालों ने बताया कि यह परिवार इतना शांत था कि उनके बारे में किसी को भी ज्यादा जानकारी नहीं थी। कई लोगों का कहना है कि उन्हें तो अब पता चला कि उनके घर में एक बेटी भी रहती थी। शाहीन को इलाके में कभी किसी ने देखा तक नहीं। स्थानीय लोग अब इस रहस्यमयी दूरी को आतंक कनेक्शन से जोड़कर देखने लगे हैं।

AK-47 के साथ गिरफ्तार हुई शाहीन

फरीदाबाद में 10 नवंबर को 2900 किलो IED मिलने के बाद कार्रवाई तेज हुई। उसी दिन छह लोगों की गिरफ्तारी हुई और शाम तक डॉ. शाहीन AK-47 के साथ पकड़ी गईं। अगली सुबह यूपी ATS के साथ लखनऊ में उनके घर और भाई परवेज के ठिकाने पर छापेमारी की गई। शाहीन और परवेज के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले। खुफिया एजेंसियों को शक है कि शाहीन जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से सीधे संपर्क में थी।

शाहीन की गायब फाइलों में छुपे कई सवाल

कानपुर के GSVM मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता रहीं डॉ. शाहीन 2013 में लगातार गैरहाजिर रहने और अनुशासनहीनता के आरोपों में सस्पेंड हुईं। इसके तुरंत बाद वह अचानक गायब हो गईं। परिवार के पास भी उनकी कोई जानकारी नहीं थी। विभागीय रिकॉर्ड में उनका नाम ‘ड्यूटी से फरार’ दर्ज हुआ।

शादी, तलाक और परिवार से दूरी

शाहीन की शादी 2003 में महाराष्ट्र के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जफर हयात से हुई थी। बढ़ते मतभेदों के चलते 2014 में तलाक हो गया। तलाक के बाद वह परिवार से भी पूरी तरह दूर हो गईं। पिता सईद अंसारी, जो हेल्थ विभाग से सीनियर पद से रिटायर्ड हैं, अपनी बेटी पर लगे आरोपों को मानने से इनकार करते हैं।

लखनऊ-फरीदाबाद कनेक्शन उजागर

लगातार गैरहाजिर रहने पर 2021 में उन्हें विभाग से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने परिवार को बताया कि उन्हें नई नौकरी मिल गई है, जबकि असल में वह फरीदाबाद नेटवर्क के संपर्क में थीं। इसी दौरान उनका भाई परवेज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में सीनियर रेजिडेंट बना, पर 7 नवंबर 2025 को उसने अचानक इस्तीफा दे दिया, जिससे शक और गहरा गया।

फरीदाबाद मॉड्यूल से खुला जमात-उल-मोमिनात का राज़

ATS और J&K पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद मॉड्यूल का खुलासा हुआ। पहली गिरफ्तारी में डॉ. मुजम्मिल शकील पकड़ा गया, जिसकी कार से AK-47 और शाहीन के दस्तावेज मिले। पूछताछ में सामने आया कि शाहीन “जमात-उल-मोमिनात” की इंडिया कमांडर थी, जो जैश-ए-मोहम्मद का महिला विंग है। उसे महिलाओं की भर्ती और ट्रेनिंग की जिम्मेदारी दी गई थी।