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लखनऊ में शंकराचार्य के कार्यक्रम में हंगामा, मंच पर चढ़ाई गई गाय; प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ दी अनुमति

Shankaracharya Lucknow Program : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम में हंगामा हो गया। एक महिला ने पुलिसकर्मी से धक्का-मुक्की कर दी।

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शंकराचार्य के कार्यक्रम में हंगामा, PC- IANS

लखनऊ : लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब एक महिला पुलिसकर्मियों से उलझ गई। महिला शंकराचार्य से मिलने मंच की ओर बढ़ रही थी, लेकिन पुलिस ने उसे रोक दिया। इससे नाराज होकर उसने महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की कर दी। कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

दरअसल, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लखनऊ में गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शुभारंभ किया है। वह यहां आयोजित धर्मयुद्ध सभा को संबोधित करने वाले हैं। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दी है।

26 शर्तों पर उठाए सवाल

शंकराचार्य ने मंच से कहा कि प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति तो दी है, लेकिन उसके साथ 26 शर्तें भी लगा दी हैं। इनमें यह भी कहा गया है कि किसी व्यक्ति का नाम लेकर बयान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है कि आखिर पुलिस किसका नाम छिपाना चाहती है और उसने ऐसा क्या किया है।

7 मार्च को वाराणसी से शुरू हुई यात्रा

शंकराचार्य ने 7 मार्च को वाराणसी से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। रायबरेली और सीतापुर होते हुए चार दिनों में वह लखनऊ पहुंचे। वह आज लखनऊ में ही रुकेंगे और गुरुवार सुबह फ्लाइट से अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे।

अजय राय ने चरणों में किया दंडवत

कार्यक्रम में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने मंच पर जाकर शंकराचार्य के चरणों में दंडवत किया। अजय राय ने कहा कि प्रदेश में गायों की हत्या हो रही है और वह इस मुद्दे पर शंकराचार्य का पूरा समर्थन करते हैं।

वृंदावन से आई महिला ने 10 दिन से छोड़ा अन्न

वृंदावन से आईं इंदुलेखा नाम की महिला ने बताया कि उन्होंने शंकराचार्य के सम्मान में पिछले 10 दिनों से अन्न का त्याग कर रखा है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ 27 केस दर्ज हैं, इसलिए उन्हें अपने नाम से ‘ब्रह्मचारी’ शब्द हटा लेना चाहिए।

प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देते हुए कई नियम तय किए हैं, जिनमें प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  1. धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ बयान नहीं दिया जाएगा।
  2. किसी राजनीतिक या धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं होगा।
  3. नाबालिगों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे।
  4. सीमित वाहन आएंगे, जिससे ट्रैफिक बाधित न हो।
  5. झंडों के अलावा कोई खतरनाक वस्तु नहीं लाई जाएगी।
  6. मांगों का ज्ञापन संबंधित अधिकारी को दिया जाएगा।
  7. किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
  8. पुलिस बल का खर्च आयोजकों को देना होगा।
  9. शांत इलाकों में ढोल-नगाड़े और लाउडस्पीकर पर रोक रहेगी।
  10. ट्रैफिक और फायर विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा।
  11. जरूरी सरकारी अनुमति आयोजक खुद प्राप्त करेंगे।
  12. सार्वजनिक स्थानों पर वाहन पार्किंग नहीं होगी।
  13. ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
  14. आवाज 75 डेसीबल से ज्यादा नहीं होगी।
  15. आतिशबाजी, हथियार और हर्ष फायरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
  16. नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
  17. किसी भी लाइसेंस या अनुमति से छूट नहीं मिलेगी।
  18. पुलिस के सभी निर्देश मानने होंगे।
  19. पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर रखी जाएगी।
  20. पर्याप्त निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
  21. सांप्रदायिक या जातीय बयान नहीं दिए जाएंगे।
  22. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बंद रहेगा।
  23. स्थान का किराया और अन्य शुल्क आयोजकों को देना होगा।
  24. कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन किया जाएगा।
  25. जुलूस या शोभायात्रा की अनुमति नहीं होगी।
  26. किसी भी शर्त के उल्लंघन पर कार्यक्रम की अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी।