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वोट लेना है तो यूपी में बनाओ ई-कॉमर्स नीति :संतोषी पाण्डेय

प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के व्यापारियों के व्यापार को ई-कॉमर्स के माध्यम से बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर सरकार द्वारा पहल की जाए। ई-कॉमर्स पोर्टल तैयार किया जाए जिसमें प्रदेश के व्यापारियों को नि शुल्क व्यापार करने की सुविधा हो।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Dec 03, 2021

वोट लेना है तो यूपी में बनाओ ई-कॉमर्स नीति :संतोषी पाण्डेय

वोट लेना है तो यूपी में बनाओ ई-कॉमर्स नीति :संतोषी पाण्डेय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले प्रदेश के व्यापारियों के तेवर सख्त दिखने लगे हैं। इस बार व्यापारियों को विभिन्न राजनीतिक दलों से केवल वादे ही नहीं काम भी चाहिए। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने पॉलिटिकल पार्टी के लिए मांग पत्र जारी किया। मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि इस बार वोट उसी दल को मिलेगा जो अपने चुनावी घोषणा पत्र में व्यापारियों को मांग को शामिल करेंगे। व्यापारियों मुख्य मांग है कि प्रदेश में ई- कॉमर्स नीति बनाई जाए जिससे व्यापारियों का उत्पीड़न बन्द हो सके।

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने अपने मांग पर में विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा देश के नियम कानूनों का उल्लंघन करते हुए विभिन्न प्रकार के छदम तरीके अपनाते हुए किए जा रहे व्यापार पर अंकुश लगाने हेतु तथा उन्हें नियम कानूनों का अनिवार्य रूप से पालन कराने के लिए प्रदेश में ई कॉमर्स नीति बनाई जाए। ई-कॉमर्स नीति निर्मात्री समिति में प्रमुख व्यापारी संगठनों के व्यापारी प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से शामिल किए जाए। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के व्यापारियों के व्यापार को ई-कॉमर्स के माध्यम से बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर सरकार द्वारा पहल की जाए। ई-कॉमर्स पोर्टल तैयार किया जाए जिसमें प्रदेश के व्यापारियों को नि शुल्क व्यापार करने की सुविधा हो। .

प्रदेश में व्यापारियों के व्यापार को बढ़ाने के लिए ‘‘व्यापारी नीति आयोग ’’ का गठन किया जाए तथा इसमें प्रदेश के प्रमुख अनुभवी व्यापारियों को मुख्य भूमिका में रखा जाए तथा अधिकारियों को सदस्य के रूप में ही रखा जाए।.प्रदेश स्तरीय जी एस टी सुझाव समिति ष्का गठन हो जिसमें प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के अनुभवी विशेषज्ञ व्यापारी प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाए जिन के सुझावों को जी एस टी परिषद में राज्य सरकार की ओर से भेजा जाए तथा भेजें गए सुझावों के क्रियान्वयन हो सके।जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए 10 लाख रुपए का व्यापारी स्वास्थ्य बीमा सरकार द्वारा अनिवार्य रूप से दिया जाए।

जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा योजना की परिभाषा में बदलाव करते हुए दुर्घटना बीमा योजना का दायरा बढ़ाते हुए 15 लाख रुपए किया जाए। कॉमर्शियल विद्युत कनेक्शन की दरें कम हो। कॉमर्शियल उपभोक्ता द्वारा जितनी विद्युत का उपयोग किया गया हो। सिर्फ उतनी विद्युत के मूल्य ही लिए जाएं डिमांड चार्ज लिया जाए।कामर्शियल हाउस टैक्स की दरें आवासीय हाउस टैक्स की दर से मात्र दुगनी निर्धारित की जाए। जिन व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों पर वाटर कनेक्शन नहीं लिया गया हो तथा उनके प्रतिष्ठान में शौचालय का प्रयोग ना हो रहा हो उन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को जल कर के भुगतान से मुक्त रखा जाए।

जनता की आवश्यकता के अनुसार स्वाभाविक रूप से प्रदेश के महानगरों में 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर जिन आवासीय क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में 80 प्रतिशत से अधिक व्यवसायिक गतिविधियां हो रही हो उन बाजारों को बाजार मार्ग, मार्केट स्ट्रीट घोषित किया जाए। प्रदेश के महानगरों में मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था लागू की जाए। प्रदेश के व्यापारियों की सुरक्षा के लिए व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ को वास्तविक रूप से प्रभावी बनाया जाए।व्यापारियों के वहां किसी भी तरह के सर्वे छापे की कार्यवाही पर पूर्णतया प्रतिबंध हो।पैकेट बंद खाद्य पदार्थों के सैंपल उत्पादन इकाई से ही लिए जाए। व्यापारिक प्रतिष्ठानों से नहीं लिया जाए।