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शिया वक्फ बोर्ड की मांग- खत्म हों मदरसे, मोदी-योगी को लिखा पत्र

यूपी के शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने मदरसा बोर्ड को खत्म करने की मांग की है।

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madarsa

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लखनऊ. यूपी के शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने मदरसा बोर्ड को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मदरसा बोर्ड खत्म करके इन्हें सीबीएसई और आईसीएसई की मान्‍यता मिलनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ने मदरसों में गैर मुस्लिम छात्रों को भी शिक्षा दिए जाने की अपील की है। शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने इस सिलसिले में पीएम मोदी व सीएम योगी को पत्र भी लिखा है।

मदरसे नहीं बनाते डॉक्टर- इंजीनियर

इस दौरान वसीम रिजवी ने विवादि‍त बयान भी दे डाला कि 'मदरसे इंजीनियर, डॉक्‍टर नहीं बल्कि आतंकवादी पैदा करते हैं'। रिजवी ने कहा कि मदरसों में गैर मुस्लिम छात्रों को भी पढ़ने की इजाजत मिलनी चाहिए एवं धार्मिक शिक्षा वैकल्पिक होनी चाहिए। उन्‍होंने आगे कहा, कितने मदरसों ने इंजीनियर, डॉक्टर, आईएएस अधिकारी बनाए हैं? हां, लेकिन कुछ मदरसों ने आतंकवादी जरूर पैदा किए हैं। उनके इस बयान पर विवाद खड़ा हो सकता है।

मदरसों की फंडिंग पर उठाए सवाल

वसीम रिजवी ने पत्र में लिखा की मदरसे की डिग्रियां सभी जगह मान्य नहीं होती और खासकर निजी क्षेत्र में जो रोजगार है वहां मदरसा शिक्षा की कोई भूमिका नहीं होती। ऐसे में पूरा समुदाय समाज के लिए हानिकारक हो जाता है। ज्यादातर मदरसों में कुछ आतंकवादी संगठन भी अवैध रूप से चल रहे मदरसों को फंडिंग कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि मुस्लिम इलाकों में ज्यादातर मदरसे सऊदी अरब के भेजे धन से चल रहे हैं। इसकी जांच की जानी चाहिए।

वसीम रिजवी द्वारा लिखी गई चिट्ठी में मुर्शिदाबाद और शामली के मदरसों का भी जिक्र है। यहां आतंकवादियों को ट्रेनिंग और गोला-बारूद एक जगह से दूसरे जगह भेजने की बात की गई है। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अपनी इस रिपोर्ट में यूनिफॉर्म एजुकेशन सिस्टम की वकालत की है ताकि सभी लोगों को एक जैसी शिक्षा मिल सके।

सरकार की भी नजर

बीते दिनों प्रदेश सरकार ने मदरसों व इस्लामी शैक्षणिक संस्थानों को और बेहतर बनाने की कवायद के तहत इन संस्थानों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाने का निर्णय लिया था। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा था कि मदरसों में एनसीईआरटी किताबों से पढ़ाई होगी। आधुनिक विषयों के साथ स्कूलों के संग बराबरी कर पाएंगे, आलिया स्तर पर गणित और साइंस अनिवार्य होगी।