
File Phooto of Aditya Yadav and Shivpal Yadva
उत्तर प्रदेश जैसी बड़े राज्य का अध्यक्ष बनाकर शिवपाल यादव ने बेटे आदित्य के लिए नई चुनौतियों के साथ राजनीति के रास्ते खोल दिए हैं. ऐसे में एक बात तय है कि, आगामी लोकसभा चुनाव २०२४ भी उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. ऐसे में शिवपाल यादव की पार्टी प्रासपा में अब युवा चेहरों की भरमार है, वहीं अनुभवी और क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावशाली नेताओं को उन्होंने विधानसभा और लोकसभा की जिम्मेदारी दी है.
कौन हैं आदित्य यादव
शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव को पूर्व सरकार में पीसीएफ का चेयरमैन बनाया गया था. प्रगतिशील समजवादी पार्टी पूर्व पीसीएफ चेयरमैन आदित्य यादव को प्रसपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. आदित्य शिवपाल यादव के बेटे हैं और वो लंबे समय तक पीसीएफ के चेयरमैन रहे है. शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव पिछले 10 सालों से पीसीएफ के सभापति थे. इस बार सभापति का चयन करने वाले फेडरेशन की 14 सदस्य कमेटी में बीजेपी के 11 सदस्य निर्विरोध चुने गए. सभापति बनने के लिए फेडरेशन के 14 सदस्य बोर्ड में शामिल होना जरूरी है, जबकि बीजेपी ने आदित्य यादव को बोर्ड का सदस्य तक नहीं बनने दिया.
समाजवाद और इंसानियत की लड़ाई लड़ने वाली हमारी पार्टी
प्रसपा के प्रवक्ता दीपक मिश्र ने कहा, समाजवाद और इंसानियत की लड़ाई लड़ने वाली हमारी पार्टी एक मात्र पार्टी है, जो कि इंसानियत बचाने की लड़ाई लड़ सकती है. हमारे यहाँ हर अनुभवी और युवाओं को जिम्मेदारी दी जाती है. जिससे पार्टी में सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान रहता है. आदित्य यादव प्रदेश अध्यक्ष बनाना पार्टी का एक सार्थक कदम है। जमीनी स्तर पर उनका कार्यकर्ताओं से बहुत अच्छा संवाद है। इसका पार्टी को लाभ मिलता रहा है.
Updated on:
10 Aug 2022 04:12 pm
Published on:
10 Aug 2022 04:11 pm

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