
अखिलेश से सुलह पर शिवपाल ने दिया बयान, कहा- परिवार एक साथ बैठेगा तभी आपसी मतभेद खत्म होंगे
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के चाचा भतीजे यानि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच मतभेद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस मतभेद को दो साल पूरे होने जा रहे हैं। दोनों का आपसी मतभेद इतना है कि शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी से पल्ला झाड़ कर बैठे हैं। यह भी चर्चा हैं कि शिवपाल दिवाली के बाद अपनी नई पार्टी का ऐलान भी कर सकते हैं। ऐसे में शिवपाल ने रिश्ते को मजबूत करने के लिए कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार एक साथ बैठेगा तभी आपसी मतभेद खत्म होंगे।
एक साथ बैठे पूरा परिवार : शिवपाल
आपसी मतभेद को खत्म करने के लिए शिवपाल यादव ने कहा है कि अगर पूरा एक साथ बैठ कर बातचीत करे तो सबकुछ ठीक हो सकता है। उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि मैं इतना कह सकता हूं कि मेरे कार्यकर्ताओं का दबाव मेरे ऊपर है, जिसे मैं महसूस कर रहा हूं लेकिन एक बार अगर पूरा परिवार बैठेगा तो सब ठीक हो सकता है। परिवार के भीतर बहुत ज्यादा समस्या नहीं है, लेकिन कोई भी फैसला लेने के पहले एक बार पूरे परिवार के साथ बैठेंगे। मुझे उम्मीद है कि परिवार के भीतर जब हम सब एक साथ बैठेंगे तो कोई सकारात्मक नतीजा निकलेगा। शिवपाल ने कहा कि जब-जब मेरी जरूरत हुई मैं पार्टी के साथ खड़ा रहा हूं, चाहे राज्यसभा चुनाव के वोटिंग की बात हो या फिर ईद की इफ्तार की पार्टी की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जब-जब मुझे बुलाया है, मैं गया हूं। उससे ज्यादा मेरी कोई बात अखिलेश यादव से नहीं हुई। राज्यसभा में वोटिंग के दौरान उन्होंने मुझसे बात की थी और फिर रमजान की इफ्तार पार्टी के लिए उन्होंने आमंत्रित किया था इसके अलावा मेरी कोई बात अखिलेश यादव से नहीं हुई।
शिवपाल को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर कर सकते हैं समझौता
हालांकि अभी कोई ऐलान नहीं किया गया है लेकिन यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अखिलेश यादव शिवपाल यादव को सपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाकर समझौता कर सकते हैं. लेकिन अभी तक कोई इसकी कोई घोषणा नहीं हुई है। वहीं वर्तमान सपा महासचिव रामगोपाल यादव से मतभेद के सवाल पर उन्होंने कहा कि रामगोपाल से मेरी कोई तल्खी नहीं है, मेरे रिश्ते बहुत अच्छे हैं अब कोई गिला शिकवा नहीं।
क्या बनाएंगे नई पार्टी?
नई पार्टी बनेगी की नहीं इसकी शिवपाल यादव ने अभी कोई घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा कि हमसे जुड़े कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और उन कार्यकर्ताओं का मुझ पर काफी दबाव लेकिन अलग राह चुनने जैसी फिलहाल कोई बात नहीं है। मुझे लगता है जो होगा अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल अलग राह पकड़ेंगे जैसी कोई बात मैं नहीं कह सकता, लेकिन अगले कुछ हफ्तों में कुछ नई बात जरूर हो सकती है लेकिन इसका खुलासा मैं अभी नहीं कर सकता। शिवपाल ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता हमसे मिलने के लिए हमारे घर पर आते थे, लेकिन अब उनकी तादाद बढ़ने लगी है ऐसे में लोहिया ट्रस्ट में अब उनसे मुलाकात हो रही है।
Updated on:
21 Aug 2018 09:04 am
Published on:
21 Aug 2018 08:52 am
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