
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश अनुकूल नीतियों और निर्यात आधारित उद्योगों से युवाओं के लिए बढ़े रोजगार के अवसर (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
UP Global Growth IT Hub: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से आधुनिक प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में उभर रहा है। बेहतर होते भौतिक और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और निवेश अनुकूल नीतिगत सुधारों के चलते प्रदेश आज ग्लोबल आईटी हब बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निर्यात आधारित विकास ने उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश ने आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक देश के कुल आईटी निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को मौजूदा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। यह लक्ष्य न केवल आर्थिक विकास का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
उत्तर प्रदेश में आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के संयुक्त विकास ने राज्य के निर्यात आधार को व्यापक और विविधतापूर्ण बनाया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र और लखनऊ जैसे प्रमुख शहर अब आईटी सेवाओं, मोबाइल फोन निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेमीकंडक्टर से जुड़ी गतिविधियों और डेटा आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।
आंकड़े इस प्रगति की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2017 में जहां उत्तर प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात लगभग 3,862 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी प्रकार आईटी आधारित सेवाओं का निर्यात भी 55,711 करोड़ रुपये से बढ़कर 82,055 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह अभूतपूर्व वृद्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश में विकसित हो रहे मजबूत प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक ढांचे और वैश्विक कंपनियों के बढ़ते भरोसे को भी दर्शाती है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा लंबे समय से आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के प्रमुख केंद्र रहे हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में लखनऊ, कानपुर और पूर्वांचल के अन्य क्षेत्रों में भी तकनीकी निवेश में तेजी आई है। लखनऊ में आईटी सिटी परियोजनाएं, डाटा सेंटर पार्क और स्टार्टअप हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे राजधानी अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि तकनीकी पहचान भी हासिल कर रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित हो रही मोबाइल असेम्बली यूनिट्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर उद्योगों ने उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का बड़ा केंद्र बना दिया है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिली है।
इस तकनीकी विकास का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात आधारित उद्योगों के विस्तार से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए करियर विकल्प सामने आए हैं। योगी सरकार द्वारा कौशल विकास कार्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण योजनाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने से युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के वाहक बन रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप्स की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिनमें बड़ी संख्या आईटी और टेक्नोलॉजी आधारित हैं।
योगी सरकार द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों ने निवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया है। सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन क्लियरेंस, बेहतर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना दिया है। इसके साथ ही मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, औद्योगिक पार्क और डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति दी है। राज्य सरकार की नीतियों का परिणाम है कि देश-विदेश की कई बड़ी आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में हो रहा यह विकास उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान कर रहा है। निर्यात बढ़ने से जहां राज्य के राजस्व में वृद्धि हो रही है, वहीं तकनीकी नवाचार से उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के डिजिटल और तकनीकी विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट विजन है कि राज्य को वर्ष 2030 तक ग्लोबल आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए नीतिगत सुधार, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, मानव संसाधन कौशल और निवेश प्रोत्साहन पर एक साथ काम किया जा रहा है। प्रदेश की यह प्रगति न केवल आर्थिक विकास का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर आधुनिक, आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम राज्य के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है।
Published on:
09 Jan 2026 03:35 am
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