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श्रुत पंचमी पर्व पर जैन समाज ने किया जिनवाणी और शास्त्र पूजन

आर्यिका रत्न चंदना मति माता व पीठाधीश्वर स्वास्तिक रविंद्र कीर्ति स्वामी के निर्देशन एवं संचालन में हुआ।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 28, 2020

Shrut Panchami festival

Shrut Panchami festival

लखनऊ। जैन समाज को श्रुत पंचमी पर्व श्रद्धा के साथ मनाया। इसमें घरों पर लोगों ने जिनवाणी और शास्त्र पूजन किया। उ.प्र. जैन शोध संस्थान के उपाध्यक्ष डा0 अभय जैन ने अपने घर आशियाना में जिनवाणी और शास्त्र पूजन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 2000 वर्ष पूर्व जेष्ठ शुक्ल पंचमी के दिन आचार्य धरसेन के शिष्य मुनि भूतबलि और मुनि पुष्पदन्त ने भगवान महावीर की देशना (उपदेशों) को लिपिवद्ध कर महान ग्रंथ षट्खण्डागम की रचना की। जैन धर्माबलम्बी इस दिन जैन शास्त्रों (जिनवाणी) की विशेष रूप से पूजन करते हैं।

जैन धर्म प्रवर्द्धनी सभा के अध्यक्ष विनय कुमार जैन की अगुवाई में श्रुत पंचमी महापर्व घर-घर मनाया गया। लॉक डाउन के चलते हस्तिनापुर जंबू दीप में जैन जगत की सर्वोच्च साध्वी गणनी प्रमुख ज्ञानमती माता के सानिध्य में आदिनाथ सहित 24 भगवान का अभिषेक शांतिधारा नित्य नियम पूजन के साथ श्रुत पंचमी पर्व मनाया गया। बाद में विधान विश्व शांति महायज्ञ श्रीफल अर्पित करके संपन्न हुआ। कार्यक्रम आर्यिका रत्न चंदना मति माता व पीठाधीश्वर स्वास्तिक रविंद्र कीर्ति स्वामी के निर्देशन एवं संचालन में हुआ।

राजधानी में कई स्थानों पर जाप, आरती, हवन के द्वारा विशेष प्रार्थना की गई। विनय कुमार जैनसुशील कुमार जैन, कैलाश चंद जैन सर्राफा चैक, वीर कुमार जैन डालीगंज, रिंशू जैन डालीगंज, कवि सुभाष जैन इंदिरानगर, कवि त्रिशला जैन चारबाग में जिनवाणी और शास्त्र पूजन किया।