
लखनऊ : अगर आप अपनी नींद पूरी करने के लिए गोलियां खाते हैं तो जल्दी से सावधान हो जाएं। नींद की गोलियां खाने से आप गम्भीर बीमारी के शिकार हो सकते है। आपने देखा होगा कि टेंशन और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए कई लोग नींद की गोलियां खाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सर्दी, फ्लू, बुखार, एलर्जी और बढ़िया नींद लेने के लिए भी एंटी-कोलीनर्जिक युक्त गोलियां खाते हैं लेकिन उन लोगों को ये पता नहीं होता है कि इन गोलियों से उनके दिमाग पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। यही नहीं बल्कि उनके जीवन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। जिससे उनका जीवन कम समय में ही खत्म हो जाता है।
नींद की गोलियां लेने से मेमोरी (याद्दाश्त) कमजोर होती है
हाल ही में युवाओं में बढ़ रहे इस दबा के सेवन पर सीडीआरआई के वैज्ञानिकों की एक टीम ने डॉ. सब्यसाची सान्याल की निगरानी में शोध शुरू किया है। एक शोध में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि एंटी कोलीनर्जिक युक्त गोलियां और नींद की गोलियां लेने से मेमोरी (याद्दाश्त) कमजोर हो जाती हैं। व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे दिमाग भी काफी धीमी गति से काम करने लगता है। इस शोध के परिणाम में यह भी सामने आया है कि मोडाफिनिल दवा की वजह से आपकी हड्डियां कमजार हो रही हैं। युवावस्था में हड्डियों की मजबूती से जीवन आयु तय होती है।
घटनाओं में पैदा होती है आशंका
शोधकर्त्ताओं की मानें तो मोडाफिनिल गोलियों के सेवन से एसेटिलकोलाइन नामक केमिकल ब्लॉक हो जाता है। वहीं, शोध के मुताबिक, एसेटिलकोलाइन का स्तर कम होने लगता है। जिससे लोग डिमेंशिया समेत अन्य दिमागी बीमारी की हालत में पहुंच जाते हैं। यह मोडाफिनिल दवा एक दम से असर नहीं दिखाती है बल्कि यह मोडाफिनिल दवा लगभग एक माह के बाद अपना असर दिखना शुरू कर देती है। मोडाफिनिल जैसी दवाओं का उपयोग करने से युवाओं के भविष्य में ऑस्टियोपोरोसिस की घटनाओं में भारी वृद्धि होने की आशंका को पैदा करता है।
Published on:
21 Apr 2018 01:43 pm
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