
लखनऊ. पीएम मोदी के स्किल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए अब स्कूलों में स्किल इंडिया के बारे में बताया जाएगा। अब स्कूलों में छात्रों को कौशल विकास मिशन के तहत 'स्किल इंडिया' का पाठ पढ़ाया जाएग। इसके अलावा उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण के बाद नौकरी भी दिलाई जाएगी। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस पहल को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू हो गई है।
स्किल इंडिया के मिशन को सक्सेस करने के लिए माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को कौशल विकास से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे मंशा यह है कि हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई कर रहे ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारण से आगे की पढ़ाई नहीं कर सकते या फिर किताबी पढ़ाई करने में कमजोर होते हैं, लेकिन उनका दिमाग तकनीकी ज्ञान की ओर अधिक होता है। हर जिले में 15 किमी के दायरे में आने वाले ऐसे सभी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी। नए साल में इसकी साल से इसकी शुरुआत होगी। स्कूलों के साथ ही पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को 'स्किल मित्र' एप की जानकारी मिलेगी। इसके माध्यम से न केवल युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की सूची का पता चलेगा बल्कि गूगल मैप के जरिए सेंटर तक आने की जानकारी भी मिल जाएगी। जहां युवा जाकर तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से बनाए गए मोबाइल ऐप- 'स्किल कनेक्ट' के माध्यम से स्कूलों को जोड़ा जाएगा। एक निजी मोबाइल कंपनी के माध्यम से हर स्कूल के विद्यार्थियों को कौशल विकास की जानकारी दी जाएगी। 15 किमी के दायरे में आने वाले कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों के प्रतिनिधि विद्यार्थियों की पहचान करेंगे और उन्हें ट्रेनिंग की जानकारी देंगे। आवश्यक हुआ तो विद्यालयों में प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन के निदेशक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि कौशल विकास मिशन की इस नई पहल से स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। आगे की पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को भी तकनीकी ज्ञान पाने का अवसर मिलेगा। मिशन की ओर से बनाए गए ऐप को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च कर दिया है।
Published on:
2 Jan 2018, 3:07 PM IST
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