
Nagar Nigam
लखनऊ. अब आपके घर की स्मार्ट पहचान होगी। दरअसल लखनऊ को स्मार्ट शहर बनाने के दृष्टिगत घरों के बाहर स्मार्ट नेम प्लेट लगेगी, जिससे न सिर्फ आपको हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स, बिजली बिल समेत तमाम सर्विसेज की जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी यह काफी मददगार साबित होगी। वहीं नगर निगम भी इस प्लेट के जरिए उन मकान मालिकों पर निगरानी रख सकेंगे जो बिल व टैक्स संबंधी चोरी करते हैं। नगर निगम से जुड़े कर्माचरियों को भी ट्रेस करना इससे आसान होगा। सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो आगजनी व अन्य घटना की स्थिति में इस नेम प्लेट के जरिए घर की लोकेशन ट्रेस कर बाहर सड़क की चौड़ाई का अनुमान लगाकर दमकल की गाड़ियों को मदद के लिए तुरंत भेजा जा सकेगा।
क्यूआर कोड के जरिए अपलोग होगी जानकारी-
नेम प्लेट में क्यूआर कोड लगाया जाएगा। जिसे स्कैन करने के बाद हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स, बिजली बिल समेत तमाम सर्विसेज अपलोड होंगी और मकान मालिक आसानी से इसे देख सकेंगे। इन सभी सर्विसेज से जुड़े बिल ऑटोमेटिक अपडेट होते रहेंगे। फिर लिंक से भवन स्वामी उसे घर बैठे ही जमा भी कर सकेंगे। हालांकि इस व्यवस्था को दुरुस्त होने में कुछ समय लगेगा। लखनऊ को स्मार्ट शहर बनाने की दृष्टिगत नगर निगम ने उपग्रह से संपत्तियों का विवरण तैयार कर अब स्मार्ट एड्रेस वाली प्लेट को लगाने का फैसला लिया है। इसके लिए कई कंपनियों से प्लेट की दरों की कोटेशन्श मांगी गई है। नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस पर कहा है कि ऑल वेदर स्मार्ट एड्रेस वाली प्लेट में क्यूआर कोड भी अपलोड होगा। जिसमे आप सर्विसेज को अपलोड कर सकेंगे। आंध्र प्रदेश के कुछ शहरों के साथ ही भोपाल नगर निगम में भी स्मार्ट एड्रेस मददगार साबित हो रहा है। प्लेट में आपके घर का पता होने से आपकी लोकेशन भी आसान हो जाएगी।
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बच नहीं पाएंगे टैक्स चोरी करने वाले-
तमाम सर्विसिज के साथ जहां मकान मालिकों को राहत मिलने वहीं उन भवन स्वामियों की मुश्किलें बढ़ेंगी जो मकान से जुड़े तमाम टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं या चोरी करते हैं। नगर निगम के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में इससे जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे ऐसे लोगों पर नकेल कसने में आसानी होगी। निगम पल झपकते ही यह भी जान लेगा कि भवन स्वामी को टैक्स जमा करने के लिए कितनी बार नोटिस दिया गया। भवन स्वामी यह भी नहीं छुपा पाएगा कि मकान में रहने वालों की संख्या कितनी है।
नगर निगर कर्मचारियों की पकड़ी जाएगी कामचोरी-
क्यूआर कोड से नगर निगम के कर्मचारी भी अधिकारियों की नजर में रहेंगे। निगम कर्मी यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकेंगे कि उन्हें मकान नहीं मिला। क्यूआर कोड उन्हें हर एक मकान तक पहुंचा देगा। सफाई कर्मचारी भी जैसे ही मकान में लगे क्यूआर कोड के संपर्क में आएगा तो उसकी लोकेशन सीधे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पहुंचेगी। नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ‘गोपाल’ ने सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की जवाब-देही तय करने के निर्देश दिए थे। नगर आयुक्त डॉ.इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि नियर फील्ड कम्युनिकेशन चिप नई तकनीक है, जिससे फील्ड कर्मचारियों पर लगाम लगेगी।
Published on:
14 Jan 2020 05:17 pm
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