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यूपी में स्मार्ट मुखबिर ने खोले 1355 घटनाओं के राज, जानिए कौन बना यूपी पुलिस का सारथी

उत्तर प्रदेश में हो रही आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए तमाम प्रयास किये गए। इसी प्रयास में से एक स्मार्ट मुखबिर है। आइये आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला।

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लखनऊ

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Prateek Pandey

Nov 21, 2023

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साल 2017 से पहले आपराधिक घटनाओं का खुलासा करना यूपी पुलिस के लिए कभी कभी टेढ़ी खीर बन जाया करते था। लेकिन योगी सरकार के तमाम प्रयासों के बाद आपराधिक मामलों में काफी कमी आई है।


इसके बाद अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति वाली रही योगी सरकार ने यूपी पुलिस को स्मार्ट पुलिसिंग से जोड़ दिया। इसके लिए योगी सरकार ने यूपी पुलिस को सीसीटीवी से कनेक्ट करने पर जोर दिया।


ये हैं स्मार्ट मुखबिर
क्राइम को कम करने के लिए योगी सरकार ने स्मार्ट मुखबिर बनाने की योजना तैयार की। इस योजना में पूरे प्रदेश में भरी संख्या में कैमरे लगाना चालू किये। स्मार्ट पुलिसिंग के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश के 3,21,635 स्थानों पर 7,22,161 सीसीटीवी लगवाए।


गोरखपुर जोन से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
प्रदेश के शहरों को सुरक्षित बनाने के लिए जहां एक तरफ इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से बहुस्तरीय निगरानी की जा रही है, वहीं अपराध पर लगाम लगाने के लिए यूपी पुलिस को स्मार्ट पुलिसिंग से जोड़ दिया गया। इसी के तहत पूरे प्रदेश में यूपी पुलिस के माध्यम से सीसीटीवी लगाने के साथ इनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के थानों को भी सीसीटीवी से जोड़ा गया ताकि प्रदेश की जनता को पारदर्शी न्याय मिल सके।

सीसीटीवी बन गए सारथी
यूपी पुलिस ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोरखुपर जोन से इसकी शुरुआत की। यहां पर विभिन्न स्थानों पर जनसहयोग से पुलिस ने 46,478 सीसीटीवी लगाए। इसके जरिये गाेरखुपर जोन से करीब सौ घटनाओं का खुलासा सीसीटीवी के जरिये हुआ। इनमें 16 डकैती/लूट, 5 हत्या, 4 अपहरण/फिरौती के लिए अपहरण, 3 बलात्कार/छेड़खानी, 34 चोरी/नकबजनी समेत 37 अन्य मामले शामिल हैं। सीएम योगी की पहल पर यूपी पुलिस ने सीसीटीवी से खुद को कनेक्ट किया तो जघन्य अपराधों के खुलासे और अपरधियों की धरपकड़ में सीसीटीवी सारथी बन गये।

पांच महीने में लगाये गए छः लाख सीसीटीवी
आंकड़ों के अनुसार यूपी पुलिस ने अभियान चलाकर पांच माह में प्रदेशभर में 2,48,116 स्थानों पर 6,28,283 सीसीटीवी लगाए गए।
स्मार्ट पुलिसिंग से पुलिस ने 1355 घटनाओं का किया खुलासा
अभियान के दौरान प्रदेश के सात कमिश्नरेट के 79,135 स्थानों पर 1,83,561 सीसीटीवी लगाए गए। इनमें सबसे ज्यादा प्रयागराज कमिश्नरेट के 29,188 स्थानों पर 56,920 सीसीटीवी लगाए गए, जबकि दूसरे नंबर पर गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के 11,523 स्थानों पर 31,244 सीसीटीवी लगाए गए। वहीं तीसरे नंबर पर कानपुर नगर कमिश्नरेट के 11,275 स्थानों पर 30746 सीसीटीवी लगाए गए।