
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने विधि विधान से अंतिम संस्कार और अन्य कर्मकांड कराया।
लखनऊ से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के लोकबन्धु अस्पताल में इलाज के दौरान हाई शुगर के चलते एक महिला की मौत हो गई। जिसके बाद बेटा अपनी मां को लावारिस की तरह छोड़कर भाग गया।
अस्पताल प्रशासन तीन दिन तक शव लेने के लिए घरवालों का इंतजार करता रहा, लेकिन जब परिवार से कोई नहीं आया तो पुलिस को इसकी सूचना दी। गुरुवार को कृष्णानगर इंस्पेक्टर ने बैकुंठ धाम में हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार कराया। इसमें पुलिस कर्मियों के साथ अस्पताल और आसपास के अन्य लोग भी शामिल हुए। पुलिसकर्मियों ने शव को कंधा देकर वीवीआई रोड स्थित बैकुंठ धाम पहुंचाया। फूल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी।
मां की बीमारी को लेकर अक्सर विवाद होता था
जानकारी के अनुसार, मीनू (65) आशियाना सेक्टर एफ की रहने वाली थीं। हाई शुगर होने पर उन्हें लोकबन्धु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 अक्टूबर को रात में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत होते ही बेटा राजेश शव छोड़कर भाग निकला।
पुलिस अस्पताल में लिखे पते पर राजेश साहू की तलाश करने पहुंची, तो घर पर ताला लगा था। आस-पास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि राजेश रेवड़ी, चूरा और मूंगफली का ठेला लगाता है। मां की बीमारी को लेकर आए दिन विवाद होता था। मां की मौत के बाद से वह घर से गायब है। जानकारी करने पर पता चला कि महिला की एक बेटी भी है। जो कई साल पहले शादी करके मुंबई चली गई। जिसका कोई अता-पता नहीं है।
तीन दिन तक किया इंतजार
अस्पताल प्रशासन ने तीन दिन तक शव लेने के लिए परिजन का इंतजार किया, लेकिन कोई नहीं आया। अस्पताल की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरा। उसके बाद गुरुवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराकर वीआईपी रोड स्थित बैकुण्ठ धाम में विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराने के बाद बुजुर्ग महिला की चिता को अग्नि दी।
Published on:
19 Oct 2023 10:30 pm

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