
दक्षिण कोरियाई राजदूत चांग जे-बोक
18वां G20 शिखर सम्मेलन हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जो देश द्वारा आयोजित पहला G20 शिखर सम्मेलन है। शिखर सम्मेलन का विषय, "वसुधैव कुटुंबकम" या "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" प्राचीन संस्कृत ग्रंथों और सतत विकास के लक्ष्य में निहित है। भारत ने इस महाआयोजन को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी और हर एक व्यवस्था को बेहतर से भी बेहतर किया गया था। फिर चाहे वो मेहमानों के ठहरने की जगह हो, उनके खानपान की व्यवस्था हो या फिर उनकी सुरक्षा का जिम्मा हो।
G- 20 सम्मेलन के समापन के बाद दक्षिण कोरियाई राजदूत ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि अयोध्या ऐतिहासिक दृष्टि से भारत और दक्षिण कोरिया दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार या यूपी सरकार को राम मंदिर उद्घाटन का कार्यक्रम विस्तृत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत सरकार निमंत्रण जारी करती है तो हम राम मंदिर उद्घाटन में शामिल होने पर काम करेंगे।
भारत को 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि प्रदान करेगा
इससे पहले जी-20 की अध्यक्षता के लिए भारत को बधाई देते हुए राजदूत ने कहा कि भारत एक विश्व नेता बनेगा। उन्होंने कहा, 'भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी का मुख्य क्षेत्र रक्षा है। दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि कोरिया 2023-25 के दौरान चार बिलियन अमरीकी डालर की राशि प्रदान करेगा। उस परियोजना को साकार करने के लिए हमें सरकारी अधिकारियों के भीतर अधिक चर्चा की आवश्यकता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'पहला कदम फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर करना है। इसलिए दोनों नेताओं के बीच इस पर चर्चा हुई।' जी-20 शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर को दिल्ली में आयोजित किया गया था।
Published on:
13 Sept 2023 10:10 am
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