
पूर्व विधायक राम ललित चौधरी ने ओम प्रकाश राजभर की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। इसके अलावा उनके सैकड़ों समर्थक सुभासपा में शामिल हुए।
सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने राम ललित चौधरी को पार्टी में शामिल कराके एक बड़ा दांव खेला है। ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला और खुद की तुलना हनुमान से कर दी।
यह भी पढ़ें: माघ मेले में पहुंचे 6 फीट लंबी डाढ़ी वाले बाबा, बोले-बढ़ाने में लगे 25 साल
“राजनीति में कोई किसी का ना दुश्मन, ना दोस्त”
ओपी राजभर ने गठबंधन के सवाल पर कहा, “2024 लोकसभा का चुनाव हम समझौते के साथ लड़ेंगे। अभी हम अकेले उस हैसियत में नहीं हैं कि अकेले दम पर लोकसभा का चुनाव लड़ सकें। आज की तारीख में ना कोई किसी का दोस्त है और ना दुश्मन है। बड़े नेता सब एक हैं।”
उन्होंने कहा कि जब हम बीजेपी के साथ गठबंधन किया था तब हमने अपने हिसाब से समझौता किया था। दोनों पार्टियों के बीच बात नहीं बनी तो बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह लखनऊ में समझौता कराने आए। बात नहीं बनी तो हमने मंत्री पद से रिजाइन दे दिया। मेरा यह कदम शायद उत्तर प्रदेश की राजनीती में पहला कदम था।
“सपा ने मेरे साथ गठबंधन करके किया धोखा”
ओपी राजभर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “सपा ने मेरे साथ गठबंधन करके धोखा किया। अखिलेश यादव ने चुनाव से पहले हमको बहकाते रहे। जब चुनाव आया तो हमको 12 रिजर्व सीट दे दिया।
उस पर भी अपना कैंडिडेट दे दिया। उन की मंशा थी की सरकार तो हमारी बन रही है। राजभर को ऐसा कमजोर करे कि वह फ्री बिजली, फ्री शिक्षा, जातिगत जनगणना की बात पर लड़ रहा हो जब इस के पास विधायक नहीं रहेंगें तो लड़ नहीं सकेगा। अखिलेश यादव को यह नहीं मालूम था की पूरे रामायण में हनुमान जी अकेले थे।”
Updated on:
08 Jan 2023 12:30 pm
Published on:
08 Jan 2023 12:26 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
