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अब यह बंगला होगा Shivpal Singh Yadav का नया आशियाना, पहले था BSP का कार्यालय, हुआ बड़ा ऐलान

Akhilesh के बाद Mayawati को झटका देकर Shivpal Singh Yadav ने कब्जा किया इस सरकारी बंगले पर, बसपा-सपा में मचा हड़कंप

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लखनऊ

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Ruchi Sharma

Oct 12, 2018

SHIVPAL SINGH YADAV

अखिलेश के बाद मायावती को झटका देकर शिवपाल ने कब्जा किया इस सरकारी बंगले पर, बसपा-सपा में मचा हड़कंप

लखनऊ. समाजवादी पार्टी को एक के बाद एक झटके देने वाले समाजवादी सेक्युलर मोर्चे (Samajwadi Secular Morcha) के संयोजक शिवपाल यादव पर राज्य संपत्ति विभाग की मेहरबानी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। Shivpal Singh Yadav को राज्य संपत्ति विभाग ने नया बंगला अलॉट किया है जिसके बाद अब उनका नया पता 6-एलबीएस हो गया है। बताते चले कि शिवपाल को बंगला अलॉट किया गया है वह पहले बसपा का कार्यालय हुआ करता था। शिवपाल को इतना बड़ा बंगला अलॉट होने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक पदों पर आसीन सभी लोगों को यह बात पच नहीं रही कि शिवपाल को किस कारण Sarkari Banglow अलॉट किया गया है।

शिवपाल सिंह यादव ने पहले अपना फैंस एसोसिएशन और फिर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा गठित कर धीरे-धीरे Samajwadi Party के खिलाफ विद्रोह के स्वरों को तेज कर दिया है। शिवपाल यादव लोकसभा चुनाव से पहले नई राजनीतिक पार्टी बनाने में जुट गए हैं। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग में दस्तक दी है। इसके अलावा शिवपाल यादव ने प्रदेश का दौरा कर अपने समर्थकों को एकजुट करना शुरू कर दिया है।


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों मायावती, राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को सरकारी बंगला खाली करना पड़ा था। हालांकि मायावती ने बंगला बचाने की भरसक कोशिश की थी। उन्होंने 13ए मॉल एवेन्यू सरकारी आवास पर कांशीराम विश्राम स्थल का बोर्ड तक लगवा दिया था। राज्य संपत्ति विभाग के अफसरों ने कहा था कि बंगला मायावती के नाम पर आवंटित है, कांशीराम विश्राम स्थल के नाम से नहीं, लिहाजा बोर्ड लगाने से कोई फायदा नहीं है। वहीं मायावती ने इसे लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 13 मॉल एवेन्यू वाला सरकारी बंगला उन्हें बतौर मुख्यमंत्री आवंटित नहीं हुआ था। बसपा के राज्य सभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने इस मामले पर योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की थी, जहां उन्होंने कहा था कि 13 जनवरी 2011 को बसपा कार्यकाल के दौरान इस सरकारी बंगले को कांशीराम विश्राम स्मारक स्थल घोषित कर दिया गया था।