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राज्य संगठन मंत्री करेंगे BJP सांसदों के भविष्य का फैसला, कट सकते हैं कई सांसदों के टिकट

यूपी में राज्य संगठन मंत्री BJP सांसदों के भविष्य का फैसला करेंगे।  
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लखनऊ

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 20 Jun 2018, 6:42 PM IST

state union ministers decides future of BJP sansad up news

bjp

लखनऊ. उत्तर प्रदेस में भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह से जुटी हुई है। इसके लिए भाजपा ने मौजूदा पार्टी के सांसदों का भविष्य राज्य के संगठन मंत्रियों को हांथ में सौंप दिया है। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों के संगठन मंत्रियों को अपने-अपने राज्यों के सांसदों की रिपोर्ट तैयार कर पेश करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जो सांसद अपने कार्यों के प्रति खरे नहीं उतरे हैं उनके लिए विकल्प भी सुझाए जाने के निर्देश दिए हैं।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निर्देशों के अनुसार सांसदों को कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार, क्षेत्र के विकास में रुचि, सांसद निधि का प्रयोग, संगठन के कामकाज में सहयोग और सोशल मीडिया पर सक्रियता जैसे मापदंडों पर कसा जाना बहुत जरूरी है। अमित शाह का यह निर्देश 2019 के लिए बहुत ही आवश्यक है और इसके साथ ही सभी संगठन मंत्रियों को एक महीने का समय दिया गया है। सभी संगठन मंत्रियों को 1 माह के भीतर अपने-अपने राज्यों के सांसदों का न केवल रिपोर्ट कार्ड पेश करना है, बल्कि उन सांसदों का विकल्प भी सुझाने का काम करना है। जो सांसद इन मापदंडों पर खरे नहीं उतरे हैं। अमित शाह के इस फैसले के बाद मौजूदा सांसदों में खलबली मची हुई है कि कही उनका टिकट कैंसिल न कर दिया जाए।

सभी सांसदों की रिपोर्ट तैयार

बताया जा रहा है कि उपचुनावों में हार की समीक्षा और आरएसएस के फीडबैक के बाद पार्टी ने सभी सांसदों की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर 2019 में मौजूदा सांसदों के भविष्य का भी फैसला किया जाएगा। इसके साथ ही गोरखपुर, फूलपुर, कैराना और नूरपुर उपचुनाव में हार से पार्टी का बड़ा झटका लगा है। इसके बाद से संगठन में सुधार और बदलाव के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ समय पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बैठक में निर्णय लिया गया था कि पार्टी में संगठन मंत्री का दायित्व संघ के पूर्णकालिक प्रचारकों को ही दिया जाए।

मानक को पूरा करने की कवायद शुरू

इसी मानक को पूरा करने की कवायद शुरू हुई तो शिवकुमार पाठक संगठन मंत्री, गोरखपुर, ओम प्रकाश संगठन मंत्री, कानपुर, बृज बहादुर, संगठन मंत्री, अवध क्षेत्र के नाम सामने आए। ये पूर्व में प्रचारक रह चुके हैं, लेकिन अब संघ के प्रचारक नहीं है। लिहाजा इन्हें इनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया। पार्टी का कहना है कि इन सभी को जल्द ही संगठन में दूसरे पदों, दायित्वों में समायोजित किया जा सकता है। यूपी बीजेपी के प्रवक्ता ने बताया हैं कि ये बदलाव पार्टी के अंदर चलने वाली सतत प्रक्रिया है। पार्टी नए विचारों, लोगों को मौका देती रही है। इस बदलाव को सिर्फ इसी रूप में लेना चाहिए।