
Corona
लखनऊ. कोरोना के कारण कई व्यवस्थाएं ठप कर दी गई है, तो कई चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें से एक है पान मसाला व गुटखा। इसे फिलहाल उत्तर प्रदेश में तो नहीं परंतु महाराष्ट्र व पांडिचेरी में कोरोना के मद्देनजर प्रतिबंधित कर दिया गया है। दरअसल थूक कोरोना वायरस फैलने का बड़ा कारण है। और पान और गुटखा का सेवन करने वालों के थूकने से इसकी संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। इन पदार्थों का सेवन करने वालों की कमी नहीं है। और चबाने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर इसे थूक देना आम तौर पर देखा जा सकता है। इस पर रोकथाम के लिए कोई कानून तो नहीं है, लेकिन लोगों से लगातार आग्रह किया गया है कि वह ऐसा न करें। इससे किसी परिसर व सड़क की सुंदरता तो प्रभावित होती ही है, प्रदूषण भी फैलता है। लेकिन अब मामला गंभीर है। कोरोना के कारण इस पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। लेकिन यूपी सरकार की ओर से इसको लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया है।
क्या यूपी में भी जारी होगा आदेश-
यूपी जैसे राज्य, जो पान मसाला और गुटखा के शौकीनों के लिए भी जाना जाता है, वहां बड़ी मात्रा में इसका उत्पादन व बिक्री होती है। लखनऊ के सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में भी अधिकतर कर्मचारी मुंह में पान चबाएं काम करते देखे जाते हैं। सार्वजनिक स्थान पर हों तो मानों बात करते-करते वहीं पर थूक दें। आम नागरिक बाईक या कार से सैर कर रहा हो तो बिना आगे-पीछे या दाएं बाएं देखें पान चबाकर सड़क पर थूकता दिख जाता है। यह इनकी आदतों में शुमार हैं। लेकिन अब कोरोना के कारण यह गंभीर मामला है। यूपी सरकार को महाराष्ट्र व पांडिचेरी की तरह चाहिए कि तमाम प्रतिबंध और रोकथाम की तरह ही इस पर भी कुछ समय के लिए विराम लगाए। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए पान और गुटखा पर प्रतिबंध जरूरी है। मॉल, स्कूल, सिनेमा, पर्यटन स्थल इत्यादि के बंद करने के साथ-साथ यूपी सरकार को इसपर भी ध्यान देने की जरूरत है।
Published on:
18 Mar 2020 10:35 pm
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