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IPS Anurag Arya: कौन हैं वह आईपीएस, जिसने ठोंकी थी मुख्तार अंसारी के साम्राज्य पर पहली कील?

IPS Anurag Arya: माफिया मुख्तार अंसारी के साम्राज्य पर कील ठोंकने वाले आईपीएस की कहानी। जानिए कौन है तेजतर्रार आईपीएस अनुराग आर्य।

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लखनऊ

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Aniket Gupta

Apr 17, 2023

IPS Anurag Arya

मुख्तार अंसारी और आईपीएस अनुराग आर्य

IPS Anurag Arya: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। अतीक की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर मुख्तार अंसारी के नाम की चर्चा काफी तेजी से हो रही है। मुख्तार अंसारी और उसके बड़े भाई बसपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट के तहत दर्ज मुकद्दमे में फैसले की सुनवाई 29 अप्रैल को होनी है। दोनों भाई के खिलाफ साल 2007 में गैंगस्टर ऐक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज किया गया था।

कौन हैं आईपीएस अनुराग आर्य?
जैसे जैसे माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) के खिलाफ फैसले की घड़ी नजदीक आती जा रही है। एक नाम आईपीएस अनुराग आर्य (IPS Anurag Arya) की चर्चा सोशल मीडिया पर काफी तेजी से हो रही है। दरअसल, आईपीएस अनुराग आर्य वही तेजतर्रार अधिकारी हैं जिन्होंने माफिया मुख्तार अंसारी के आपराधिक साम्राज्य के खिलाफ पहली कील ठोंकी थी। अब जैसे ही मुख्तार अंसारी के खिलाफ फैसले की घड़ी नजदीक आ रही है, आईपीएस अनुराग आर्य की चर्चा जोरों-शोरों से चल रही है। आइए जानते हैं आखिर कौन है आईपीएस अनुराग आर्य उन्होंने ऐसा क्या कर दिया जिसकी वजह से आज वह चर्चा में हैं।

आईपीएस अनुराग आर्य (IPS Anurag Arya) का शुरुआती जीवन
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के लाल अनुराग आर्य 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। आपको बता दें कि उनकी प्राथमिक पढ़ाई उनके गांव छपरौली के ही सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में हुई। फिर आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और वहां से फिज़िक्स में ग्रेजुएशन किया। बीएचयू से पास होकर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमएससी की पढ़ाई शुरू की और वह 2011 में एमएससी के दो विषयों में फेल हो गए। फेल होने से हतास होने के बाद उन्होंने एमएससी बीच में ही छोड़ दी और फिर आईपीएस बनने का फैसला किया।

आईपीएस के लिए बैंक की नौकरी छोड़ी
तैयारी के दौरान ही अनुराग का सिलेक्शन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर के पद पर हो गया। उन्होंने नौकरी ज्वाइन की और करीब 8 महीने तक कानपुर में पोस्टेड रहे। इसके बाद पहले ही प्रयास में अनुराग ने आईपीएस की परीक्षा पास कर ली। आईपीएस में पास होने पर अनुराग ट्रैनिंग के लिए हैदराबाद के एनपीए (NPA) चले गए। आईपीएस अनुराग आर्य ढाई सालों में चार जिलों में एसपी रहें। फिलहाल वे बरेली में एसपी इंटेलिजेंस के पद पर कार्यरत हैं।

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जब मुख्तार अंसारी के खिलाफ लिया बड़ा एक्शन
बता दें कि आईपीएस अनुराग आर्य 2019-2020 में कार्यरत थे और यहीं उन्होंने मुख्तार अंसारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। मुख्तार के खिलद कार्रवाई करते हुए उन्होंने उसके अवैध बूचड़खानों पर हथौड़ा चलाते हुए 26 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इस मामले में गैंगस्टर ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अनुज कनौजिया का घर उन्होंने ढाह दिया और इसी के बाद आईपीएस अनुराग आर्य चर्चा में आ गए। साल 2020 में मुख्तार अंसारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आपको बता दें कि 2013 के बाद यह पहला मौका था जब मुख्तार अंसारी के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया था। और इसके बाद अनुराग आर्य ने मुख्तार और उसके भाई के साम्राज्य पर कार्रवाई करते हुए करोड़ों की अवैध संपत्ति को जब्त किया।

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अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता भी है खतरे में
29 अप्रैल को गाजीपुर MP-MLA स्पेशल कोर्ट में 1996 में चंदौली के कोयला व्यवसायी नंदकिशोर रुंगटा अपहरण व हत्या कांड और कृष्णानन्द राय हत्या कांड में फैसले की सुनवाई होनी है। बता दें कि 1 अप्रैल को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस फैसले के बाद तय हो जाएगा की मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी जेल जाएंगे या नहीं ? यदि इस केस में सजा होती है तो बसपा सांसद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता भी जा सकती है। इससे पहले एक दूसरे केस में मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। आपको बता दें कि इस मामले में अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है।

इस कांड में दर्ज है मुख्तार और अफजाल अंसारी पर मुकद्दमा
आइए अब उस मामले को विस्तार से जानते हैं जिसके आरोप में मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी पर गैंगस्टर ऐक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज किया गया था और फैसले की सुनवाई अगले 29 अप्रैल को होनी है। बता दें कि मुहम्मदाबाद थानाक्षेत्र के बसनिया चट्टी के बीजेपी विधायक कृष्णानन्द राय समेत 7 लोगों की हत्या वर्ष 2005 में की गई थी। वर्ष 2007 में इस मामले में माफिया मुख्तार अंसारी और उसके बड़े भाई व सांसद अफजाल अंसारी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज हुआ था। आपको बता दें कि गैंग चार्ट में मुख्तार अंसारी पर कृष्णानन्द राय व नंदकिशोर रुंगटा अपहरण व हत्याकांड का चार्ज लगा था वहीं अफजाल अंसारी पर सिर्फ कृष्णानन्द राय हत्याकांड का मामला दर्ज है।

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