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अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

ई-प्राॅसीक्यूशन पोर्टल व सी0सी0टी0एन0एस0 से प्राप्त आबकारी के मामलों की निगरानी व गहन समीक्षा की जाय

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 07, 2021

अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

लखनऊः मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश में अवैध शराब से सम्बन्धित घटनाओं को शासन द्वारा बेहद गम्भीरता से संज्ञान में लेते हुए अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। इसी कड़ी में आज अपर मुख्य सचिव, गृह ने अपर पुलिस महानिदेशक, अभियोजन को आबकारी के मामलों की सूचना 3 दिवस के भीतर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है। साथ ही प्रभावी पैरवी कर उक्त मामलो के निस्तारण व मुल्जिमों को कठोर सजा दिलवाने के भी निर्देश दिये है।

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने यह निर्देश भी दिये है कि अवैध शराब से सम्बन्धित अभियुक्तों के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 60(क) के सुसंगत प्रावधानों तथा गिरोहबन्द अधिनियम की सुसंगत धाराओ के अन्तर्गत समुचित एवं कठोर अभियोजन कार्यवाही सम्पादित की जाय। उन्होंने ऐसे अभियोगों का विवरण, जिनमे उक्त धाराओं में एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गयी है, उन्हे शासन को उपलब्ध कराने तथा ई-प्रासीक्यूशन पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिये है। साथ ही ई-प्राॅसीक्यूशन पोर्टल पर दर्ज व सी0सी0टी0एन0एस0 (क्राइम एण्ड क्रिमनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) से प्राप्त ऐसे मामलों की निगरानी व गहन समीक्षा करने के भी निर्देश दिये है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) अधिनियम, 2017 जो दिनांक 06 जनवरी 2018 को अधिसूचित हो चुका है, के अनुसार नई धारा-60 (क) के माध्यम से प्रावधान किया गया है कि किसी मादक पदार्थ को किसी अन्य पदार्थ या विजातीय द्रव्य से उसे अपायकर बनाते हुए उसका विक्रय करने अथवा उपलब्ध या प्रदान करने/करवाने वाले व्यक्तियों को, जिनके उक्त कृत्य से किसी मानव की मृत्यु हुई हो, वहाँ मृत्युदण्ड अथवा आजीवन कारावास तथा जहाँ किसी व्यक्ति को विकलांगता अथवा घोर उपहति हुई हो, तो न्यूनतम 06 वर्ष तथा अधिकतम 10 वर्ष तक के कठोर कारावास तथा जहाँ उक्त के परिणामस्वरूप व्यक्ति को उपहति अथवा परिणामिक हानि पहुँची हो, वहाँ न्यूनतम 01 वर्ष तथा अधिकतम 02 वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने से दण्ड का प्राविधान किया गया है।