
हड़ताली लेखपालों पर योगी सरकार सख्त, अब तक 8000 लेखपालों को किया निलंबित
लखनऊ. हड़ताली लेखपालों पर योगी सरकार सख्त रूख अपनाए हुए है। योगी सरकार द्वारा एस्मा लगाने का भी राजस्व लेखपालों की हड़ताल पर कोई असर नहीं दिख रहा है। लेखपाल अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। वहीं सरकार ने भी हड़ताल खत्म कराने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सूबे में अब तक 8000 लेखपालों के खिलाफ निलंबन या सेवा समाप्ति की नोटिस देने की कार्रवाई की गई है। मथुरा में सबसे कड़ी कार्रवाई हुई है। जहां दो लेखपालों को गिरफ्तार किया गया है तो वहीं 12 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
योगी सरकार की कड़ी सख्ती के बाद भी सूबे में कार्यरत 25,577 लेखपालों में बमुश्किल 2400 लेखपाल ही सेवा पर लौटे हैं और बाकी लेखपाल हड़ताल पर हैं, वे सरकार से अपनी मांगों को मानने के लिए हड़ताल पर डटे हुए हैं। जिलाधिकारियों से शासन को मिली रिपोर्ट के मुताबिक ६३३ लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित लेखपालों में लेखपाल संघ के प्रदेश से तहसील स्तर के तमाम पदाधिकारी भी शामिल हैं। सबसे कड़ी कार्रवाई परिवीक्षाधीन लेखपालों के खिलाफ की गई है और 7381 लेखपालों को सेवा समाप्ति की नोटिस दी गई है।
हड़ताली लेखपालों पर सरकार की सख्ती का थोड़ा असर भी देखा जा रह है, 1860 लेखपाल आंशिक रूप से हड़ताल से वापस लौट आए हैं और ५५३ ने तो कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है। सरकार ने एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में तो नो वर्क नो पे के तहत कार्रवाई की गई है।
एक ओर तो सरकार लेखपालों की हड़ताल को खत्म कराने के लिए कार्रवाई का चाबुक चला रही है तो वहीं दूसरी ओर बैक डोर से नए सिरे से वार्ता के प्रयास भी चल रहे हैं। ऐसे संकेत मिले हैं कि हड़ताली नेताओं और शासन के शीर्ष अफसरों के बीच विभिन्न मुद्दों पर अनौपचारिक वार्ता हुई है। इस बातचीत के आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। हालांकि शासन और लेखपाल संघ दोनों ने ही किसी तरह की वार्ता से इनकार किया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि लेखपालों की हड़ताल एक-दो दिन में खत्म हो सकती है।
Published on:
14 Jul 2018 03:02 pm
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