लखनऊ। राजधानी का स्मार्ट सिटी में चयन होने के बाद अब विभाग द्वारा काम करने की कवायद भी शुरु हो गई है। जहां पहले बायो टॉयलेट्स को शहर एक पार्कों में परिक्षण के लिए मंगवाया गया है वहा अब जापान की तर्ज पर टाइलों का प्रयोग होगा।
शहर में सौन्दर्यीकरण का कार्य अब ईको फ्रेंडली टाइल्स से होगा। विभागीय जानकारी के अनुसार इन टाइल्सों को जापान से इम्पोर्ट किया जायेगा। साथ ही सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए कानपुर आईआईटी के छात्रों द्वारा रिसर्च की जाएगी। रिसर्च में इन टाइलों की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए शहर की ज़रूरते और मौजूदा स्थिति पर अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद इन्हें शहर की सुन्दरता बढ़़ाने के लिए लगाया जायेगा।
कुछ विशेष हैं ये टाइल्स
दरअसल नगर निगम में रजिस्टर्ड ठेकेदारों की ओर से शहर में बने उन टाइल्सों का प्रयोग किया जाता है जिनको बनाने में अधिक पानी का प्रयोग होता है। पहले जमीन को दो या चार इंच छोड़कर खेदा जाता है और उसके बाद सीमेंट की सहायता से इसे भरकर सड़कों के किनारों, गली मुहल्लों में लगा दिया जाता है। लेकिन जापान से इंपोर्ट होने वाली इन टाइलों की विशेषता यह है कि इनको बनाने में पानी का ज्यादा प्रयोग नहीं किया जाता। वहीं यह टाइल्स इको फ्रेंडली भी है।
-शहर में जब कभी बारिश हुआ करेगी तो उक्त टाइल्स पानी को कंज्यूम कर लिया करेंगे। जिससे जलभराव की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकेगा।
-इन टाइल्सों को आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की ओर से परीक्षण किया जायेगा जिसके बाद इन टाइल्सों का प्रयोग शहर में किया जा सकेगा।
अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया कि अभी इसको लेकर कोई प्रस्ताव नहीं तैयार किया गया है। यह ईको फ्रेंडली टाइल्स का विचार अच्छा है। विभागीय सहमति के बाद ही कोई निर्णय लिया जायेगा। फिल्हाल इसका परीक्षण कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञों द्वारा किया जायेगा।