
MBA कर चुकीं अंजलि सिंह ने जूट के थैले बनाने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, PC- Patrika
लखनऊ। सोलह साल पहले एक मशीन से काम शुरू करने वाली जूट वाली दीदी ऊर्फ अंजली सिंह का छोटा सा प्रयास अब वैश्विक पहचान में बदलता नजर आ रहा है। खादी ग्रामोद्योग मिशन के तहत जूट फॉर लाइफ परिजोजना के तहत तैयार किए गए उनके जूट बैग और अन्य उत्पाद न केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं बल्कि अमरीका के बाजारों में भी अपनी जगह बना रहे हैं।
प्लास्टिक के मुकाबले जूट के थैले पर्यावरण के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। खास बात यह है कि यह सफलता किसी बड़े उद्योग की नहीं बल्कि गांवों की महिलाओं के समूह की मेहनत का नतीजा है। आज तीन सौ से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है। राजस्थान से आए पत्रकारों ने शुक्रवार लखनऊ के इंदिरा नगर में अंजली सिंह और कलस्टर से जुड़ी महिलाओं के तैयार जूट के विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया। उनके कारखाने और कार्यप्रणाली को देखा।
एमबीए कर चुकी अंजली सिंह ने बताया कि जूट के थैले बनाने का काम घर पर बेहद छोटे स्तर पर शुरू किया था। शुरुआत में स्थानीय बाजार में उत्पाद बेचे गए, लेकिन धीरे-धीरे उनके डिजाइनों और गुणवत्ता ने लोगों का ध्यान खींचा। आज वे देश के विभिन्न शहरों में विभिन्न संस्थानों, विभागों और संस्थाओं को मांग के अनुरूप थैले और अन्य सामान तैयार करके दे रही है। पिछले दिनों अयोध्या के राममंदिर में आयोजित कार्यक्रम में उनके यहां से ही थैले तैयार करके भेजे गए। उनकी संस्था का सालाना टर्नओवर ढाई करोड़ का हो गया है। अमरीका की एक संस्था ने उन्हें थैले तैयार करके भिजवाने का ऑर्डर दिया है।
अंजली सिंह का पूरे देश में एक मात्र कलस्टर है, जो जूट के उत्पाद तैयार कर रहा है। भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संस्थागत सहयोग के माध्यम से उन्होंने जूट के उत्पादों को बढ़ावा दिया। आज उनके कॉमन फेसिलिटी सेंटर में 300 से ज्यादा महिलाएं काम कर रही है। वे काम के अनुसार 5 से 15 हजार रुपए तक कमा रही है। इसके अलावा वे अब तक क्षेत्र की हजारों महिलाओं को जूट बैग बनाने का प्रशिक्षण दे चुकी है। ये महिलाएं घर बैठे ही आय अर्जित कर रही हैं।
बाजार की मांग को समझते हुए अपने उत्पादों में लगातार नवाचार किया है। साधारण थैलों के साथ ही प्रिंटेड, कस्टमाइज्ड और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं। बाजार में टिकने के लिए उत्पाद में गुणवत्ता और टिकाऊपन को सबसे ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। वे ई-कॉमर्स पर भी जूट के थैले बेच रही है।
Updated on:
20 Mar 2026 10:16 pm
Published on:
20 Mar 2026 09:43 pm
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