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आज हर गांव में स्वच्छ भारत मिशन का फहराया जाएगा झंडा

आज हर गांव में स्वच्छ भारत मिशन का फहराया जाएगा झंडा
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लखनऊ

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Ruchi Sharma

•

Aug 14, 2018

lucknow

आज हर गांव में स्वच्छ भारत मिशन का फहराया जाएगा झंडा

लखनऊ. आजादी के जश्न पर उप्र सरकार 'खुले में शौच से आजादी' मना रही है। पंचायती राज विभाग ने इसके लिए हर जिले में स्वच्छ भारत मिशन नामक झंडा फहराने निर्देश दिया है। 9 से 15 अगस्त के बीच इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। खुले में शौच से मुक्ति के अभियान को केंद्र सरकार के पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय ने आजादी के जश्न से जोड़ा है। लेकिन उप्र सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती जिलों को ओडीएफ बनाना है। अब तक सूबे के 75 जिलों में से सिर्फ 9 जिले ही ओडीएफ हो पाए हैं। इनमें से 8 जिले पश्चिमी उप्र के हैं। कौशाम्बी एक अकेला जिला है जो पूर्वी उप्र से आता है। अन्य जिले हैं- अमरोहा, बिजनौर, बागपत, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और शामली। इससे भी बड़ी चुनौती है अक्टूबर तक उप्र को खुले में शौच से मुक्ति दिलाना। इसके लिए प्रदेश की 59000 ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन करीब 44000 शौचालय बनाने होंगे।


पंचायती राज विभाग सभी जिलों में खुले में शौच से आजादी को जश्न को मना रहा है। इसका मकसद गांवों में शौचालय निर्माण व निर्मित शौचालयों के इस्तेमाल के लिए लोगों को प्रेरित करना है। इसके लिए स्वच्छाग्राहियों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों के बीच प्रतियोगिताओं, रैलियों, मानव शृंखलाओं आदि का आयोजन किया जा रहा है। स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले स्वाधीनता दिवस पर सम्मानित भी किए जाएंगे।

सांसदों-विधायकों की भी होगी भागीदारी

खुले में शौच से मुक्ति का शुभारंभ जिले के प्रभारी मंत्री, सांसद या विधायक के जरिए हुई थी। अब 15 अगस्त को भाजपा और सरकार दोनों मिलकर इस जश्न को मनाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन यानी एसबीएम के स्पेशल झंडे को तिरंगे की ही तरह बनाया जाएगा। झंडे में "खुले शौच से आज़ादी" लिखा होगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इससे उप्र खुले में शौच से आजाद हो पाएगा। क्योंकि अभी 75 जिलों में से सिर्फ 9 जिले ही पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो पाए हैं। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को अक्टूबर 2018 तक ओडीएफ बनाने का संकल्प दोहराया है। पंचायत राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरके तिवारी ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जिलों में 10 लोगों को स्वच्छता अम्बेसडर भी बनाया जाए ताकि इस अभियान को गति मिल सके। बहरहाल गंदगी के मामले में अब भी उप्र सबसे फिसड्डी बना हुआ है। 2017 में के स्वच्छता सर्वेक्षण में गोंडा को सबसे ज्यादा गन्दगी वाला जिला घोषित किया गया था। वाराणसी जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसदीय क्षेत्र है वह भी स्वच्छता के मामले 32 वीं रैंक पर है।