
Swami Prasad Maurya Resigns: स्वामी प्रसाद मौर्य हमेशा अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा का विषय बने रहते हैं। और अब उन्होंने सपा में राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने खुद अपने आधिकारिक ट्विटर अकांउट से त्यागपत्र (resign) शेयर करते हुए इस बात की पुष्टी की है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही इस बार स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी ही पार्टी यानी समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के एक नेता को भाजपा का एजेंट बता दिया। यह नेता कोई और नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मुख्य सचेतक मनोज पांडेय हैं।
त्यागपत्र के अंत में उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा, “हैरानी तो तब हुई जब पार्टी के वरिष्ठतम नेता चुप रहने के बजाय मौर्य जी का निजी बयान कह करके कार्यकर्त्ताओं के हौसले को तोड़ने की कोशिश की, मैं नहीं समझ पाया एक राष्ट्रीय महासचिव मैं हूँ, जिसका कोई भी बयान निजी बयान हो जाता है और पार्टी के कुछ राष्ट्रीय महासचिव व नेता ऐसे भी हैं जिनका हर बयान पार्टी का हो जाता है, एक ही स्तर के पदाधिकारियों में कुछ का निजी और कुछ का पार्टी का बयान कैसे हो जाता है, यह समझ के परे है। दूसरी हैरानी यह है कि मेरे इस प्रयास से आदिवासियों, दलितों, पिछड़ो का रुझान समाजवादी पार्टी के तरफ बढ़ा है। बढ़ा हुआ जनाधार पार्टी का और जनाधार बढ़ाने का प्रयास व वक्तव्य पार्टी का न होकर निजी कैसे? यदि राष्ट्रीय महासचिव पद में भी भेदभाव है, तो मैं समझता हूँ ऐसे भेदभाव पूर्ण, महत्वहीन पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से मैं त्यागपत्र दे रहा हूँ, कृपया इसे स्वीकार करें।”
Published on:
13 Feb 2024 06:57 pm
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