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गांवों में खुल रहे रोजगार के नए द्वार, मजबूत हो रहा स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क

(Swayam Sahayata Samuh in Uttar Pradesh) उत्तर प्रदेश में इस समय करीब 3.65 लाख समूहों के माध्यम से करीब 40 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Jun 18, 2020

गांवों में खुल रहे रोजगार के नए द्वार, मजबूत हो रहा स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क

गांवों में खुल रहे रोजगार के नए द्वार, मजबूत हो रहा स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क

लखनऊ. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने जहां पूरा देश संकट के दौर से गुजर रहा है तो वहीं उत्तर प्रदेश के गांवों में रोजगार के नए दरवाजे भी खुल रहे हैं। प्रदेश सरकार का 2024 तक समूहों के माध्यम से एक करोड़ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। इसी क्रम में स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क अब राज्य के बाकी 23 जिलों में बढ़ाया जा रहा है। इन जिलों में समूहों के गठन का काम शुरू भी हो गया है। साथ ही कदम-कदम पर ठोकरें खाकर किसी तरह शहरों से पलायन करके अपने गांवों में पहुंचे प्रवासी मजदूर परिवारों की महिलाओं को भी पुराने समूहों से जोड़ने का काम भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

स्वयं सहायता समूहों का गठन तेजी से हो और इससे जुड़ी महिलाएं रोजगार से सीधे जुड़ सकें। इसके लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान बनाया गया है। प्रदेश के इन जिलों में समूहों की सक्रियता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी कर रहा है। प्रदेश में इस समय करीब 3.65 लाख समूहों के माध्यम से करीब 40 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। हालांकि इन समूहों में तमाम समूह ऐसे भी हैं जहां पर रोजगार से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं हो रही। इसके अलावा प्रदेश सरकार का 2024 तक समूहों के माध्यम से एक करोड़ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। इसलिए निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने को लेकर काम शुरू हो गया है।

सुधरेगी आर्थिक स्थिति

आजीविका मिशन निदेशक सुजीत कुमार ने बताया कि यूपी में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाकर 10 लाख तक होना है। ऐसा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों की करीब एक करोड़ महिलाएं आजीविका से जुड़ जाएंगी। महिलाओं के आजीविका से जुड़ने का फायदा सीधे उनके परिवार को मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। मिशन की तरफ से इस दिशा में तेजी से कई काम किए जा रहे हैं।

इन जिलों में हो रहा समूहों का गठन

स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क में जो नाम शामिल नहीं हैं, उनमें अमरोहा, बलिया, बुलंदशहर, एटा, अयोध्या, फर्रूखाबाद, गाजीपुर, हाथरस, जौनपुर, कानपुर देहात, कासगंज, कौशांबी, कुशीनगर, मथुरा, मऊ, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रायबरेली, रामपुर, संभल, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर और सीतापुर शामिल हैं और यहां समूहों का गठन शुरू कर दिया गया है। इन जिलों के 91 विकास खंडों को समूहों के गठन के लिए चिन्हित किया गया है। इस समय राज्य के कुल 139 नये ब्लाक में समूह बनाए जा रहे हैं। अब तक 453 ब्लाकों में मिशन की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। अगले वित्तीय वर्ष में सभी ब्लाकों में समूहों को एक्टिव कर दिया जाएगा।

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