
अब 24 घंटे के अंदर लगवा सकेंगे नया दांत, खर्च भी बेहद कम
लखनऊ. मरीजों को नया दांत लगवाने के लिए अब घंटों इंतजार नहीं करना होगा। केजीएमयू में अब 24 घंटों के भीतर ही दांत लग जाएंगे। इसके लिए डॉक्टरों ने बेसल इंप्लांट शुरू किया है, जिससे कि मरीजों को दांत लगवाने के लिए महीने भर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
क्या है बेसल इंप्लांट
बेसल इंप्लांट नई तकनीक है, जिसकी कई विशेषताएं हैं। बेसल का मतलब होता है एल्वीओलर यानी कि मुंह का वह हिस्सा जहां पर दांत है। इस इंप्लांट को मुंह के उसी भाग में लगाया जाता है, जो जबड़े के नीचे का हिस्सा होता है। खास बात ये है कि बेसल इंप्लांट के जरिये जबड़ों के उस हिस्से में भी दांत लगाया जा सकता है, जहां हड्डी न हो। किसी भी इंप्लांट के लिए जबड़ों में हड्डी की जरूरत होती है, जिस पर ग्राफ्ट लगा कर दांत लगाए जाते हैं।
मरीजों की सुविधा के लिए बेसल इंप्लांट
केजीएमयू के डॉक्टर पाल ने बताया कि पहले कन्वेंशनल इंप्लांट के जरिये दांत लगाया जाता था, जिसमें करीब चार से पांच महीने का समय लगता था। मरीजों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसके बाद इंप्लांट लगाया जाता था। इसमें खर्च भी करीब 80 हजार का आता है। वहीं बेसल इंप्लांट में दांत जल्दी लगाए जा सकते हैं और खर्च भी करीब 35 हजार रुपये का आता है। बेसल इंप्लांट के जरिये 24 घंटे के अंदर ही दांत लगाया जा सकता है, जो कि कन्वेंशनल इंप्लांट में संभव नहीं है।
दांतों को किया जाएगा डिजिटली स्कैन
कन्वेंशनल इंप्लांट में दांत लगाने के लिए मुंह की नाप लेकर उसका एक कास्ट बनाकर मॉडल बनाना पड़ता था, जिसके बाद इंप्लांट लगाया जाता था। इसमें समय बहुत लगता था। वहीं बेसल इंप्लांट में यह काम डिजिटल रूप से किया जा सकता है। इस इंप्लांट के जरिये मरीज के दांत के नाप को स्कैन कर उसका मॉडल बनाया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में समय भी कम लगता है और काम आसानी से हो भी जाता है।
Published on:
23 Jul 2018 03:28 pm
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