
द केरल स्टोरी चित्र
समुद्र तट को छूते केरल राज्य में जनसांख्यिकी असंतुलन और एकतरफा बढ़ते अंतरधार्मिक शादियों पर केरल हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए इसे ‘लव जेहाद’ कहा था। तब से यह शब्द भाजपा, संघ परिवार सहित सरकार और विपक्ष के राजनैतिक शब्दकोष का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। इन दिनों ‘लव जेहाद’ को लेकर ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म रिलीज हुई है, जिसे लेकर पक्ष और विपक्ष में सियासत का बाजार गर्म है।
दूसरी तरफ यह फिल्म रिकार्डतोड़ कामयाबी हासिल कर भारी मुनाफा भी कमा रही है। यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार ने फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया है, इसके पहले भी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ और ‘द कश्मीर फाइल’ नाम की फिल्म को यूपी में टैक्स फ्री किया गया था।
सपा सरकार ने किया सबसे अधिक फिल्मों को टैक्स फ्री
फिल्मों को टैक्स फ्री करने में सबसे अधिक मेहरबान अखिलेश यादव रहे हैं। उन्होंने करीब दो दर्जन फिल्मों को टैक्स फ्री किया है। हांलाकि उनपर आरोप भी लगे कि राजनैतिक कारणों से फिल्मों को टैक्स फ्री किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने टैक्स फ्री फिल्मों की लिस्ट मांगी थी, जिन्हें सपा सरकार के दौरान टैक्स फ्री किया गया था।
किन फिल्मों को किया गया टैक्स फ्री
जनवरी 2012 से 24 फरवरी 2016 के बीच उत्तर प्रदेश में इन फिल्मों को किया गया टैक्स फ्री- जय हो डेमोक्रेसी, गट्टू, भाग मिल्खा भाग, चार साहबजादे, पीके, तेवर, या रब, अमिताभ की भूतनाथ रिटर्न, मर्दानी, मैरीकॉम, कृष्णा और कंस, कटियाबाज, वंस अपान ए टाइम इन बिहार, चाक इन डस्टर, बाजीराव मस्तानी, हवाईबाज, इश्क के परिंदे, जानीसार, मसान, दृश्यम, हमारी अधूरी कहानी, टू लिटिल इंडियंस, डेढ़ इश्किया, जय हो, बजरंगी भाईजान, मिस टनकपुर हाजिर हो, मांझी द माउंटेन, एयर लिफ्ट और ***** खडूस।
कितना टैक्स कम होता है
यदि किसी फिल्म का टिकट सौ रुपया है तो उसपर 18 फीसदी मनोरंजन कर के नाम से टैक्स लगाया जाता है। हांलाकि अन्य मदों के भी टैक्स होते हैं। यदि टिकट 100 रुपए से कम है तो यह टैक्स 12 फीसद हो जाता है। इस 18 फीसद टैक्स में 9-9 फीसद टैक्स का बंटवारा केंद्र और राज्य सरकार के बीच होता है। जिसमें राज्य सरकार अपना नौ फीसद टैक्स माफ कर देती है, जिसे टैक्स फ्री कहा जाता है। भारत में इवेंट, शो और फिल्मों पर 18 फीसद जीएसटी लगाया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 246 के अंर्तगत नियमों और दिशानिर्देशों का प्रावधान है, जिसमें मनोरंजन कर लगाया जाता है।
लोगों की भीड़ से डरते थे अंगे्रज लगाया टैक्स
आजादी के आंदोलन के दौरान गीत-संगीत, नृत्य और कविताओं के मर्म भी देश की आजादी से जुड़े होते थे जो अप्रत्यक्ष रुप से अंग्रेजी शासन के खिलाफ थे। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुटते थे और इन कार्यक्रमों से उनको आजादी का संदेश मिलता था। अंग्रेज इसे सीधे तौर पर तो नहीं रोक पाए, लेकिन लोगों की भीड़ जमा होने से रोकने के लिए मनोरंजन टैक्स लगा दिया। जो विभिन्न कारणों से आजादी के बाद भी जारी है और सरकार के राजस्व आय का बड़ा स्रोत है।
द केरल स्टोरीज की मूल थीम
यह फिल्म चार युवतियों की कहानी पर आधारित है जो आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ जाती है। हिंदू लडक़ी शालिनी उन्नीकृष्णन बताती है कि वह कैसे आंतकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ जाती है। इस फिल्म में उस हकीकत से दर्शकों को रूबरू कराया जाता है कि कैसे लड़कियों को प्रेम के जाल में फंसाकर उनका ब्रेन वॉश किया जाता है, उनका धर्म बदलवाया जाता है।
शारीरिक शोषण के बाद आंतकी गतिविधियों में डाल दिया जाता है। इस फिल्म को लेकर भाजपा, आरएसएस जहां समर्थन कर रहे हैं, जो वहीं विपक्ष के ज्यादातर दल हमलावर हैं। यही कारण है कि गैर भाजपा शासित राज्यों में इस पर बैन लगाया जा रहा है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में इसे टैक्स फ्री कर दिया गया है।
Published on:
10 May 2023 04:15 pm
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