
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' का लाभ पाने के लिए निर्धारित दो लाख रुपए वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपए करने की आवश्यकता जताई है। सीएम योगी ने कहा है कि सामूहिक विवाह योजना वंचित वर्ग के लिए बड़ा संबल बनी है। अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें, इसके लिए यह आवश्यक है कि पात्रता के लिए निर्धारित अधिकतम वार्षिक आय सीमा को बढ़ाया जाए।
गुरुवार को समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने नए वित्तीय वर्ष से सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पात्र नवविवाहित जोड़ों को 51 हजार रुपए के स्थान पर एक लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। एक लाख रुपए की इस राशि में से 60 हजार रुपए कन्या के बैंक खाते में जमा किए जाएं, जबकि नवविवाहित जोड़े को 25 हजार रुपए के उपहार दिए जाने चाहिए, शेष 15 हजार रुपए वैवाहिक समारोह में व्यय किए जाएं।
सीएम योगी ने इस व्यवस्था को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, वृद्धावस्था पेंशन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी पात्र वृद्धजन, पेंशन से वंचित न रहें। योजना के और बेहतर क्रियान्वयन के लिए इसे फैमिली आईडी से जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी से जुड़ने के बाद पात्रता की श्रेणी का कोई भी निराश्रित वृद्धजन जैसे ही 60 वर्ष का होगा, उसे तत्काल पेंशन की राशि मिलने लग जाएगी। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को फैमिली आईडी के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन कवरेज बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
Updated on:
25 Apr 2025 08:36 am
Published on:
25 Apr 2025 08:36 am
