
गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर, बंद चीनी मिल फिर से होगी शुरू
बाराबंकी. गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उ.प्र. राज्य चीनी निगम की बरसों से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने बाराबंकी के बुढ़वल और सीतापुर के महोली में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। इन दोनों मिलों के संचालन से इन दोनों जिलों में मिलों के आसपास का क्षेत्र एक बार फिर जगमगाने लगेगा और इलाके का आर्थिक विकास भी होगा। दोनों चीनी मिलें पीपीपी मॉडल पर तैयार की जा सकती हैं।
पीपीपी मॉडल पर तैयार होंगी मिलें
बाराबंकी और सीतापुर की चीनी मिलें पीपीपी मॉडल के आधार पर अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार की जाएंगी। इनमें गन्ने की पेराई के अलावा गन्ने की खोई से बिजली बनाने का कोजेन प्लांट और डिस्टलरी भी लगायी जाएंगी। इन दोनों मिलों में पेराई वर्ष 2022 से शुरू किये जाने की तैयारी है। इसी तरह मथुरा की छाता चीनी मिल में भी गन्ना क्षेत्र विकसित किए जाने पर मंथन जारी है। कानपुर देहात की घाटमपुर, गाजीपुर की नंदगंज, गोण्डा की नवाबगंज मिलों के आसपास गन्ना क्षेत्र विकसित हो जाए तो यह मिलें भी फिर से चलायी जा सकती हैं।
निगम की ये चीनी मिलें बंद पड़ी हैं
चीनी मिल जिला कब बंद हुई
महोली सीतापुर 1998-1999
बुढ़वल बाराबंकी 2007-2008
छाता मथुरा 2009-2010
मलियाना मेरठ 1999-2000
रामपुर रामपुर 1999-2000
घाटमपुर कानपुर 2009-2010
नवाबगंज गोण्डा 1998-1999
नंदगंज गाजीपुर 1998-1999
Published on:
18 Jul 2020 03:33 pm
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